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बैरियां में 11 करोड़ की सड़क परियोजना पर विवाद: ग्रामीणों ने खेत से मिट्टी काटने पर रोका काम

Locals Halt Rs 11 Cr Road Project in Bairia Over Soil Extraction from Farmlands

Dainik Bhaskar12 जुलाई 2026
प्रखंड: बैरियां

पश्चिम चंपारण के बैरियां प्रखंड में एक 11 करोड़ रुपये की सड़क परियोजना पर उस समय विवाद खड़ा हो गया जब स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के लिए मिट्टी उनके खेतों से अवैध रूप से काटी जा रही है। ग्रामीणों ने परियोजना का काम रोक दिया और मांग की कि कार्य प्राक्कलन के अनुसार ही हो।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए मिट्टी की जरूरत है, लेकिन संवेदक बिना अनुमति के उनके निजी खेतों से मिट्टी निकाल रहे हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि मिट्टी खनन से उनके खेत गहरे गड्ढों में तब्दील हो रहे हैं, जिससे खेती करना मुश्किल हो जाएगा। यह आरोप भी लगाया गया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है और प्राक्कलन के मानकों का पालन नहीं हो रहा है।

स्थानीय लोगों ने कहा कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उन्हें अपने खेतों को बर्बाद होते देखना मंजूर नहीं है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और यह सुनिश्चित करने की मांग की कि निर्माण कार्य नियमों के अनुसार हो। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता और अवैध मिट्टी खनन बंद नहीं किया जाता, तब तक वे काम शुरू नहीं होने देंगे।

इस घटना से क्षेत्र में विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए ताकि परियोजना समय पर पूरी हो सके और ग्रामीणों के हितों की भी रक्षा हो सके। सड़क निर्माण से जुड़ी कंपनी को भी ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

A significant dispute has erupted in Bairia block, West Champaran, over an 11-crore road construction project. Local villagers have halted work, alleging that soil for the road is being illegally extracted from their private farmlands without permission. They claim this unauthorized digging is causing severe damage to their agricultural land, creating deep pits that will render the fields unusable for cultivation.

The villagers demand that the construction adhere strictly to the project's original estimates and specifications, expressing concerns about the quality of work. They emphasize that while they support development, they cannot tolerate the destruction of their livelihoods. They have urged the administration to intervene immediately, ensure compliance with construction norms, and stop the illegal soil extraction. The villagers have vowed to prevent the resumption of work until their grievances are addressed and unlawful practices cease. This incident highlights broader issues of transparency and accountability in development projects in the region, calling for prompt action from authorities and the construction company.

स्रोत: Dainik Bhaskar की रिपोर्ट के आधार पर

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