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बलिया में पर्यावरण संरक्षण के लिए वन विभाग का बड़ा कदम: रेवती क्षेत्र में लगेंगे 22,837 पौधे

Ballia Forest Department Targets 22,837 Plantations in Rewati for Environmental Protection

Dainik Bhaskar10 जुलाई 2026
प्रखंड: रेवती

बलिया जिले में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए वन विभाग ने रेवती क्षेत्र में 22,837 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह कदम पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस व्यापक वृक्षारोपण अभियान के तहत विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे, जिनमें फलदार, औषधीय और छायादार वृक्ष शामिल होंगे।

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के पारिस्थितिक तंत्र को मजबूत करना और वायु प्रदूषण को कम करना है। वृक्षारोपण से भूमिगत जल स्तर में सुधार होने और जैव विविधता को बढ़ावा मिलने की भी उम्मीद है। विभाग ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें पौधों की नर्सरी से उपलब्धता, रोपण स्थल का चयन और रोपण के बाद उनकी देखभाल सुनिश्चित करने के उपाय शामिल हैं।

वन विभाग ने इस अभियान में स्थानीय समुदायों, स्वयंसेवी संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों को भी शामिल करने की योजना बनाई है। जनभागीदारी से इस पहल को और अधिक सफल बनाया जा सकेगा, जिससे लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। अधिकारियों ने बताया कि पौधों के रोपण के बाद उनकी नियमित निगरानी की जाएगी ताकि उनकी उत्तरजीविता दर सुनिश्चित की जा सके। यह परियोजना बलिया जिले के हरित आवरण को बढ़ाने और भावी पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

The Forest Department in Ballia district has set an ambitious target to plant 22,837 saplings in the Rewati area as a significant step towards environmental protection. This initiative aims to maintain ecological balance and enhance green cover in the region. Officials from the Forest Department stated that various species of plants, including fruit-bearing, medicinal, and shade-giving trees, will be planted under this extensive afforestation drive.

The primary objective of this project is to strengthen the local ecosystem and reduce air pollution. It is also expected to improve groundwater levels and promote biodiversity. The department has prepared a detailed action plan to achieve this target, which includes ensuring the availability of saplings from nurseries, selecting appropriate planting sites, and measures for post-plantation care.

The Forest Department plans to involve local communities, voluntary organizations, and educational institutions in this campaign. Public participation is expected to make this initiative more successful and raise environmental awareness among the populace. Officials emphasized that regular monitoring of the planted saplings will be conducted to ensure their survival rate. This project will be a crucial milestone in increasing Ballia district's green cover and ensuring a healthy environment for future generations.

स्रोत: Dainik Bhaskar की रिपोर्ट के आधार पर

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