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बिहार के 15 नए डिग्री कॉलेजों में गैर-शिक्षण कर्मचारियों की तत्काल पदस्थापना का आदेश

Bihar Orders Immediate Posting of Non-Teaching Staff in 15 Newly Established Degree Colleges

Dainik Bhaskar14 जुलाई 2026

बिहार सरकार ने राज्य के 15 नवस्थापित राजकीय डिग्री कॉलेजों में गैर-शिक्षण कर्मचारियों की तत्काल पदस्थापना का आदेश जारी किया है। यह निर्णय उच्च शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और इन नए संस्थानों के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। इन कॉलेजों में आवश्यक गैर-शिक्षण स्टाफ की कमी के कारण शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों में बाधाएं आ रही थीं, जिससे छात्रों और शिक्षकों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन कॉलेजों में क्लर्क, लाइब्रेरियन, प्रयोगशाला सहायक और अन्य सहायक कर्मचारियों की तत्काल आवश्यकता है। इन पदों पर पदस्थापना से कॉलेजों में दैनिक प्रशासनिक कार्यों को व्यवस्थित करने, पुस्तकालयों को सुचारु रूप से चलाने और प्रयोगशालाओं में छात्रों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने में मदद मिलेगी। यह कदम न केवल इन संस्थानों की कार्यप्रणाली में सुधार करेगा, बल्कि छात्रों के लिए एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण भी तैयार करेगा।

सरकार का यह निर्णय उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इन नए कॉलेजों की स्थापना ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के अवसरों को बढ़ाने के लिए की गई थी, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण उनका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था। अब गैर-शिक्षण कर्मचारियों की पदस्थापना से इन कॉलेजों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे स्थानीय युवाओं को अपने घर के करीब उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा होगी। उम्मीद है कि इस पहल से इन कॉलेजों में छात्रों के नामांकन में भी वृद्धि होगी और वे बेहतर अकादमिक परिणाम प्राप्त कर सकेंगे।

The Bihar government has issued an order for the immediate posting of non-teaching staff in 15 newly established state degree colleges. This decision aims to strengthen the higher education system and ensure the smooth functioning of these new institutions. A lack of essential non-teaching staff in these colleges had been hindering academic and administrative tasks, causing difficulties for both students and faculty.

A senior official from the Education Department stated that there is an urgent need for clerks, librarians, laboratory assistants, and other support staff in these colleges. Their posting will help streamline daily administrative operations, ensure the smooth functioning of libraries, and provide better facilities for students in laboratories. This move is expected to improve the overall functioning of these institutions and create a better academic environment for students.

This government decision is considered a significant step towards enhancing the quality and accessibility of higher education in Bihar. The new colleges were established to expand higher education opportunities in rural and remote areas, but their full potential was not being realized due to staff shortages. The immediate posting of non-teaching personnel will ensure the availability of basic facilities, making it easier for local youth to access higher education closer to home. This initiative is also expected to boost student enrollment and improve academic outcomes.

स्रोत: Dainik Bhaskar की रिपोर्ट के आधार पर

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