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चिकन नेक कॉरिडोर की अहम रेल परियोजना अटकी: ठाकुरगंज-चतरहाट रेल लाइन का सर्वे 19 माह बाद भी अधूरा

Crucial Chicken Neck Corridor Rail Project Stalled: Thakurganj-Chhatarhat Line Survey Incomplete After 19 Months

Dainik Bhaskar3 जुलाई 2026
ठाकुरगंज, चतरहाटचिकन नेक कॉरिडोर, सिलीगुड़ी

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित 'चिकन नेक कॉरिडोर' के लिए प्रस्तावित ठाकुरगंज-चतरहाट नई रेल लाइन परियोजना 19 महीने बाद भी अधूरी है। यह परियोजना सामरिक और व्यावसायिक दोनों दृष्टियों से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, खासकर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों और बांग्लादेश की सीमा से सटे क्षेत्रों के लिए। इस रेल लाइन के निर्माण से व्यापार और सुरक्षा दोनों को मजबूती मिलेगी।

रेलवे मंत्रालय ने 2024-25 के बजट में इस परियोजना के लिए ₹1 लाख का सांकेतिक आवंटन किया था, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका काम अभी भी रुका हुआ है। 2023-24 के बजट में भी इस परियोजना के लिए केवल ₹1 लाख का सांकेतिक आवंटन किया गया था, जो बताता है कि इस पर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। रेलवे के अधिकारी बताते हैं कि परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है, जिसके कारण सर्वे का काम भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय प्रशासन और रेलवे के बीच समन्वय की कमी भी देरी का एक प्रमुख कारण है।

इस परियोजना का उद्देश्य चिकन नेक कॉरिडोर की भीड़भाड़ को कम करना है, जो भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को शेष भारत से जोड़ता है। यह क्षेत्र सामरिक रूप से संवेदनशील है, और एक वैकल्पिक रेल मार्ग का होना देश की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके अलावा, यह नई रेल लाइन माल ढुलाई और यात्री परिवहन को भी सुगम बनाएगी, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने परियोजना में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि इस रेल लाइन से क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होंगे और व्यापार में वृद्धि होगी। उन्होंने सरकार से इस परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने का आग्रह किया है। उम्मीद है कि रेलवे मंत्रालय और राज्य सरकार इस परियोजना को प्राथमिकता देंगे और इसे जल्द ही पटरी पर लाएंगे, ताकि क्षेत्र के विकास और सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।

A crucial rail project intended to bolster connectivity and security in India's strategically vital 'Chicken Neck Corridor' has stalled, with the survey for the proposed Thakurganj-Chhatarhat new rail line remaining incomplete even after 19 months. Located near Siliguri in West Bengal, this corridor is a narrow strip of land connecting India's northeastern states with the rest of the country, making the new rail line essential for both strategic and commercial purposes.

The Union Railway Ministry had made a token allocation of ₹1 lakh for this project in both the 2023-24 and 2024-25 budgets, indicating a lack of substantial progress. Railway officials attribute the delay primarily to incomplete land acquisition, which has consequently hampered the survey work. A lack of coordination between local administration and railway authorities is also cited as a significant contributing factor.

The project aims to alleviate congestion in the existing Chicken Neck Corridor, a region critical for national security. An alternative rail route is deemed vital for defense purposes and for facilitating smoother freight and passenger movement, thereby boosting economic activities in the region, particularly for states bordering Bangladesh and India's Northeast. Local residents and traders have expressed concern over the delays, emphasizing the potential for job creation and increased trade. They have urged the government to prioritize and expedite the project.

स्रोत: Dainik Bhaskar की रिपोर्ट के आधार पर

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