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एकमा की दो पंचायतों में सहयोग शिविर: 101 आवेदन मिले, 24 का मौके पर निस्तारण

Cooperation Camps Held in Two Ekma Panchayats: 101 Applications Received, 24 Resolved On-Spot

Dainik Bhaskar7 जुलाई 2026
पंचायत: भरहोपुर, परसागढ़प्रखंड: एकमागुरुवार

सारण जिले के एकमा प्रखंड की भरहोपुर और परसागढ़ पंचायतों में गुरुवार को सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना था। दोनों पंचायतों में आयोजित इन शिविरों में कुल 101 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 24 आवेदनों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। यह पहल स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयास का परिणाम है, जिसका लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

शिविर के दौरान, ग्रामीण अपनी विभिन्न समस्याओं जैसे भूमि विवाद, पेंशन संबंधित मामले, राशन कार्ड की त्रुटियां, आवास योजना से जुड़ी शिकायतें और अन्य सरकारी सेवाओं से संबंधित मुद्दों को लेकर पहुंचे। अधिकारियों ने आवेदनों की जांच की और जहां संभव हो सका, वहीं पर समाधान उपलब्ध कराया। जिन मामलों का तुरंत समाधान संभव नहीं था, उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया गया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि शेष आवेदनों पर भी जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी।

इस तरह के शिविरों का आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाता है और नागरिकों को अपनी समस्याओं को सीधे अधिकारियों के समक्ष रखने का अवसर प्रदान करता है। इससे न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ती है, बल्कि जनता का सरकार के प्रति विश्वास भी मजबूत होता है। भरहोपुर और परसागढ़ पंचायतों में आयोजित यह शिविर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो स्थानीय निवासियों को त्वरित और प्रभावी समाधान प्रदान करने में सहायक सिद्ध हुआ। इस पहल से उम्मीद है कि आने वाले समय में अन्य पंचायतों में भी ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।

Cooperation camps were organized on Thursday in Bharhopur and Parsagarh Panchayats of Ekma block in Saran district. The primary objective of these camps was to provide quick solutions to villagers' problems and enable them to benefit from various government schemes. A total of 101 applications were received across both panchayats, with 24 of them resolved on the spot. This initiative is a result of the joint efforts of local administration and public representatives, aiming to ensure good governance and transparency in rural areas.

During the camps, villagers presented various issues, including land disputes, pension-related matters, errors in ration cards, complaints related to housing schemes, and other government service concerns. Officials reviewed the applications and provided on-the-spot resolutions wherever possible. Cases that could not be resolved immediately were forwarded to the respective departments for further action. Officials assured that the remaining applications would also be processed as soon as possible.

Such camps facilitate easier access to government services in rural areas and provide citizens with an opportunity to present their problems directly to officials. This not only enhances administrative efficiency but also strengthens public trust in the government. The camps held in Bharhopur and Parsagarh Panchayats are a significant step in this direction, proving helpful in providing quick and effective solutions to local residents. It is hoped that similar camps will be organized in other panchayats in the future to benefit more people.

स्रोत: Dainik Bhaskar की रिपोर्ट के आधार पर

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