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बलिराजगढ़ में उत्खनन पर रोक लगाने की मांग तेज

Demand to Stop Excavation at Balirajgarh Intensifies

Dainik Bhaskar6 जुलाई 2026
बलिराजगढ़

बलिराजगढ़, जो एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है, में हो रहे उत्खनन कार्यों पर तत्काल रोक लगाने की मांग जोर पकड़ रही है। स्थानीय निवासियों और इतिहासकारों का मानना है कि वर्तमान में जिस तरह से उत्खनन कार्य चल रहा है, उससे इस प्राचीन स्थल के ऐतिहासिक महत्व को नुकसान पहुंच सकता है। बलिराजगढ़ को मगध साम्राज्य से भी पुराना माना जाता है और यह क्षेत्र कई महत्वपूर्ण पुरातात्विक अवशेषों का घर है।

विशेषज्ञों का कहना है कि उत्खनन कार्य को वैज्ञानिक और संरक्षणात्मक तरीके से किया जाना चाहिए ताकि स्थल की अखंडता बनी रहे। अनियमित या अव्यवस्थित उत्खनन से महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट हो सकते हैं, जिससे इतिहास के कई अनसुलझे पहलू हमेशा के लिए खो जाएंगे। स्थानीय प्रशासन से यह भी अपील की जा रही है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करें।

इस ऐतिहासिक स्थल की सुरक्षा और संरक्षण केवल स्थानीय चिंता का विषय नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय धरोहर का भी हिस्सा है। बलिराजगढ़ में भविष्य में होने वाले किसी भी उत्खनन कार्य को पूरी तरह से योजनाबद्ध और विशेषज्ञों की देखरेख में ही किया जाना चाहिए। इससे न केवल स्थल की ऐतिहासिक गरिमा बनी रहेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण अध्ययन का स्रोत बना रहेगा। स्थानीय लोगों ने सरकार से इस दिशा में जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की अपील की है।

The demand to immediately halt excavation activities at Balirajgarh, a significant historical site, is gaining momentum. Local residents and historians believe that the current manner of excavation could potentially damage the historical importance of this ancient site. Balirajgarh is considered to be older than the Magadha Empire and is home to several important archaeological remains.

Experts suggest that excavation work should be conducted in a scientific and protective manner to maintain the integrity of the site. Irregular or disorganized excavation could destroy crucial evidence, leading to the permanent loss of many unresolved aspects of history. There is also an appeal to the local administration to intervene in this matter and ensure compliance with the guidelines of the Archaeological Survey of India (ASI).

The protection and preservation of this historical site are not just a local concern but also a part of national heritage. Any future excavation work at Balirajgarh should be thoroughly planned and conducted under the supervision of experts. This will not only preserve the historical dignity of the site but also ensure it remains an important source of study for future generations. Local people have urged the government to take concrete steps in this direction as soon as possible.

स्रोत: Dainik Bhaskar की रिपोर्ट के आधार पर

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