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किशनगंज: तत्कालीन SI पर रिश्वत लेकर वारंटी को संरक्षण देने का आरोप, FIR दर्ज

Former Candidate Files FIR Against Ex-SI in Kishanganj for Alleged Bribery and Protecting Absconder

Dainik Bhaskar5 जुलाई 2026

किशनगंज जिले में एक गंभीर मामला सामने आया है जहाँ एक तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर (SI) पर रिश्वत लेकर एक वारंटी को संरक्षण देने का आरोप लगा है। इस संबंध में एक पूर्व प्रत्याशी ने स्थानीय थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। आरोप है कि जब एक वारंटी के घर पुलिस छापेमारी करने गई, तो तत्कालीन SI ने उससे रिश्वत लेकर उसे गिरफ्तार नहीं किया और उसे भागने में मदद की।

पूर्व प्रत्याशी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब पुलिस एक वारंटी को पकड़ने के लिए उसके घर पर छापा मारने गई थी। वारंटी के खिलाफ कई मामले दर्ज थे और वह फरार चल रहा था। आरोप है कि मौके पर मौजूद तत्कालीन SI ने वारंटी के परिजनों से मोटी रकम रिश्वत के तौर पर ली और उसे गिरफ्तार करने के बजाय उसे संरक्षण दिया, जिससे वारंटी मौके से फरार होने में सफल रहा। इस घटना से स्थानीय लोगों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर काफी रोष है।

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस प्रशासन पर मामले की गंभीरता से जांच करने का दबाव बढ़ गया है। पूर्व प्रत्याशी ने अपनी शिकायत में घटना का विस्तृत विवरण दिया है और उन परिस्थितियों का उल्लेख किया है जिनके तहत वारंटी को संरक्षण मिला। उन्होंने यह भी मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए ताकि दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

इस मामले से पुलिस विभाग की छवि पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि पुलिसकर्मी ही अपराधियों को संरक्षण देने लगेंगे तो आम जनता का न्याय प्रणाली से विश्वास उठ जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का आश्वासन दिया है। यह देखना होगा कि इस मामले में क्या कार्रवाई होती है और क्या आरोपी SI के खिलाफ लगे आरोप सिद्ध होते हैं।

A serious case has emerged from Kishanganj district where a former Sub-Inspector (SI) has been accused of taking a bribe to protect an absconder. A former election candidate has filed a First Information Report (FIR) at the local police station, demanding an impartial investigation into the matter. It is alleged that when police raided an absconder's house, the then SI took a bribe from him, did not arrest him, and helped him escape.

According to the former candidate, this incident occurred when the police went to raid the house of an absconder wanted in several cases. It is alleged that the SI present on the spot took a substantial bribe from the absconder's family and, instead of arresting him, provided protection, allowing the absconder to flee. This incident has caused considerable anger among locals regarding police conduct.

Following the registration of the FIR, pressure has mounted on the police administration to conduct a serious investigation. The former candidate has provided a detailed account of the incident in their complaint, outlining the circumstances under which the absconder received protection. They have also demanded a high-level inquiry to ensure strict action against the guilty police officer and prevent such incidents in the future.

This case also raises questions about the image of the police department. Locals believe that if police personnel start protecting criminals, public trust in the justice system will erode. Local administration has assured an investigation into the matter, acknowledging its gravity. It remains to be seen what action will be taken and whether the allegations against the accused SI are proven.

स्रोत: Dainik Bhaskar की रिपोर्ट के आधार पर

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