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क्यूल नदी में जलस्तर बढ़ा, लखीसराय में 10 हजार आबादी पर मंडराया खतरा, तटबंध की सुरक्षा पर उठे सवाल

Kiul River Water Level Rises, Threatening 10,000 in Lakhisarai; Embankment Safety Questioned

Dainik Bhaskar10 जुलाई 2026
क्यूल नदी

लखीसराय जिले में क्यूल नदी का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर तटबंधों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नदी का पानी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे लगभग 10 हजार की आबादी पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और वे प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, क्यूल नदी में जलस्तर में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। नदी का पानी तटबंधों पर दबाव बना रहा है, जिससे उनके टूटने का अंदेशा बढ़ गया है। यदि तटबंध टूटते हैं, तो लखीसराय के कई निचले इलाकों में बाढ़ आ सकती है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है। यह स्थिति हर साल मॉनसून के दौरान उत्पन्न होती है, लेकिन इस बार ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से तटबंधों के रखरखाव और मरम्मत पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है।

ग्रामीणों ने बताया कि तटबंध कई जगहों पर कमजोर हो गए हैं और उनमें दरारें आ गई हैं। उन्होंने तत्काल इन कमजोर हिस्सों की मरम्मत और उन्हें मजबूत करने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा तटबंधों के निरीक्षण और रखरखाव में लापरवाही बरती गई है। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने और स्थायी समाधान खोजने का आग्रह किया है।

इस संकट से निपटने के लिए, ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से तत्काल प्रभाव से तटबंधों की स्थिति का जायजा लेने और आवश्यक सुदृढ़ीकरण कार्य शुरू करने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति भयावह हो सकती है। इस बढ़ते खतरे ने लखीसराय के लोगों में चिंता बढ़ा दी है, विशेषकर उन लोगों में जो नदी के किनारे या निचले इलाकों में रहते हैं।

The rising water level in the Kiul River in Lakhisarai district has once again raised serious concerns about the safety of its embankments. The rapidly increasing water poses a flood threat to approximately 10,000 residents, creating an atmosphere of fear among the local villagers who are demanding immediate action from the administration.

Reports indicate a continuous surge in the Kiul River's water level, exerting pressure on the embankments and increasing the risk of breaches. Should the embankments fail, several low-lying areas in Lakhisarai could experience severe flooding, leading to significant loss of life and property. This situation recurs annually during the monsoon season, but villagers claim that the administration has neglected the proper maintenance and repair of the embankments this year.

Residents report that the embankments are weakened in multiple spots with visible cracks. They have urgently called for immediate repairs and reinforcement of these vulnerable sections. Locals also accuse the flood control department of negligence in inspecting and maintaining the embankments, urging the government and district administration to intervene and find a permanent solution. The villagers have appealed to the local authorities to assess the embankment situation promptly and initiate necessary strengthening works to prevent a potentially disastrous outcome. This escalating threat has heightened anxiety among Lakhisarai residents, particularly those living near the riverbanks or in low-lying areas.

स्रोत: Dainik Bhaskar की रिपोर्ट के आधार पर

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