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नोखा के स्वरूपसर स्कूल में शिक्षकों की कमी: ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, एसडीएम से पद भरने की मांग

Villagers Protest Teacher Shortage at Swaroopsar School, Demand SDM Intervention

Dainik Bhaskar17 जुलाई 2026
स्वरूपसरप्रखंड: नोखाराजकीय मध्य विद्यालयबुधवार

रोहतास जिले के नोखा प्रखंड अंतर्गत स्वरूपसर स्थित राजकीय मध्य विद्यालय में शिक्षकों की घोर कमी के कारण ग्रामीणों ने बुधवार को जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का कहना था कि स्कूल में पर्याप्त संख्या में शिक्षक नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों के अनुसार, स्वरूपसर मध्य विद्यालय में 1200 से अधिक छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए केवल 5 शिक्षक ही उपलब्ध हैं। यह स्थिति बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। गणित, विज्ञान, अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के लिए तो शिक्षक हैं ही नहीं, जिसके कारण इन विषयों की पढ़ाई बिल्कुल ठप पड़ी है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर वे कई बार स्थानीय शिक्षा विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने मांग की कि जल्द से जल्द स्कूल में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरा जाए ताकि बच्चों का भविष्य अंधकारमय होने से बचाया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) से इस मामले में हस्तक्षेप कर तत्काल शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने की अपील की। इस प्रदर्शन के कारण स्कूल में पठन-पाठन का कार्य बाधित रहा और छात्र-छात्राएं बिना पढ़ाई के ही घर लौट गए। स्थानीय प्रशासन को इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Villagers in Swaroopsar, under Nokha block in Rohtas district, staged a strong protest on Wednesday against the severe shortage of teachers at the Government Middle School, Swaroopsar. They locked the school gates, expressing their anger over the deteriorating education system. The protesting villagers highlighted that the lack of adequate teachers is severely impacting their children's studies.

According to the villagers, the Swaroopsar Middle School has over 1200 enrolled students, but only 5 teachers are available to teach them. This situation is jeopardizing the children's future. Crucial subjects like Mathematics, Science, and English have no dedicated teachers, bringing their instruction to a complete halt. Villagers stated that they have repeatedly appealed to local education department officials and public representatives regarding this issue, but their concerns have been ignored.

The protesters demanded that the vacant teaching positions in the school be filled immediately to secure the children's future. They warned that if their demands are not met promptly, they would be forced to launch a larger agitation. The villagers appealed to the Sub-Divisional Magistrate (SDM) to intervene in the matter and ensure immediate appointment of teachers. Due to the protest, academic activities in the school were disrupted, and students returned home without attending classes. Local administration needs to address this serious issue urgently to ensure children's education.

स्रोत: Dainik Bhaskar की रिपोर्ट के आधार पर

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