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सीतामढ़ी में राशन वितरण में गड़बड़ी: डीलर पर लगा लाभार्थियों को कम अनाज देने का आरोप, वितरण पर रोक

Ration Distribution Irregularities in Sitamarhi: Dealer Accused of Under-weighing, Distribution Halted

Dainik Bhaskar16 जुलाई 2026

सीतामढ़ी जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन वितरण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। लाभार्थियों ने डीलर पर तय मात्रा से कम अनाज देने का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों के अनुसार, उन्हें 5 किलो अनाज के बजाय 4 किलो ही दिया जा रहा था, जिससे उनके अधिकारों का हनन हो रहा था। इस शिकायत के बाद, स्थानीय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित डीलर के माध्यम से हो रहे राशन वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

यह मामला सीतामढ़ी जिले के एक प्रखंड से जुड़ा है, जहाँ से लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं। ग्रामीणों ने बताया कि कई महीनों से उन्हें कम राशन मिल रहा था, लेकिन उनकी बात कोई नहीं सुन रहा था। जब सामूहिक रूप से शिकायत दर्ज कराई गई और स्थानीय मीडिया ने इस मुद्दे को उठाया, तब जाकर प्रशासन हरकत में आया। यह घटना पीडीएस प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को उजागर करती है, जिससे गरीब और जरूरतमंद लोग सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।

प्रशासन द्वारा वितरण पर रोक लगाने के बाद, अब इस मामले की गहन जांच की जाएगी। जांच के बाद डीलर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसी गड़बड़ी न हो और सभी लाभार्थियों को उनका पूरा हक मिले। इस कार्रवाई से अन्य डीलरों को भी एक कड़ा संदेश जाएगा कि राशन वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार और प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि पीडीएस प्रणाली पूरी तरह से पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त हो, ताकि सभी पात्र व्यक्तियों को समय पर और पूरी मात्रा में राशन मिल सके।

Significant irregularities have surfaced in the Public Distribution System (PDS) ration distribution in Sitamarhi district, Bihar. Beneficiaries have lodged serious complaints against a local dealer, accusing them of providing less grain than the prescribed quantity. According to villagers, they were consistently receiving only 4 kg of grain instead of the entitled 5 kg, effectively depriving them of their full entitlements. Following these complaints, the local administration took swift action, immediately halting ration distribution through the accused dealer.

This incident highlights a recurring issue in the district, where similar complaints have been reported. Villagers stated that they had been receiving reduced rations for several months, but their grievances went unaddressed until collective complaints were filed and local media brought the matter to light. The situation underscores the pervasive corruption and irregularities within the PDS, which disproportionately affects the poor and needy.

The administration has initiated a thorough investigation into the matter, and appropriate action will be taken against the dealer based on the findings. This move also aims to ensure that such discrepancies do not recur and that all beneficiaries receive their full entitlements in the future. The action serves as a strong message to other dealers that irregularities in ration distribution will not be tolerated. The government and administration must ensure the PDS remains transparent and corruption-free to deliver timely and complete rations to all eligible individuals.

स्रोत: Dainik Bhaskar की रिपोर्ट के आधार पर

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