गोलघर, पटना
Golghar, Patna
ऐतिहासिक स्थल📍 पटना
गोलघर पटना का सबसे पहचाना ऐतिहासिक ढाँचा है — एक विशाल, गुंबद जैसा गोल अन्न-भंडार, जिसे 1786 में बनाया गया था। इसे अकाल के समय अनाज भंडारण के लिए बनाया गया था, और इसकी बाहरी सीढ़ियाँ इसकी सबसे ख़ास बनावट हैं, जो ऊपर तक जाती हैं। ऊपर से गंगा और पटना शहर का विस्तृत दृश्य दिखता है, और यही आज इसका मुख्य आकर्षण है।
क्या देखें
- 1786 में बना विशाल गोल अन्न-भंडार।
- बाहर की ओर बनी सीढ़ियाँ, जो शिखर तक जाती हैं।
- ऊपर से गंगा और शहर का विस्तृत दृश्य।
- पटना की सबसे पहचानी ऐतिहासिक छवि — शहर का प्रतीक।
जाने से पहले जान लें
- सुबह या शाम जाएँ — दोपहर में सीढ़ियाँ और खुला चबूतरा दोनों गर्म रहते हैं।
- ऊपर रेलिंग और भीड़ का ध्यान रखें, विशेषतः बच्चों के साथ।
- पास में बिहार म्यूज़ियम और अन्य स्थल हैं — एक ही दिन में देखे जा सकते हैं।
कैसे पहुँचें
- पटना शहर के भीतर, गांधी मैदान क्षेत्र के नज़दीक।
- रेल: पटना जंक्शन से ऑटो या बस।
सामान्य प्रश्न
गोलघर क्या है?
1786 में बना विशाल गोल अन्न-भंडार, जो आज पटना का प्रतीक है।
गोलघर क्यों बनाया गया था?
अकाल के समय अनाज के भंडारण के लिए।
गोलघर कहाँ है?
पटना शहर में, गांधी मैदान क्षेत्र के नज़दीक।
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अंतिम अपडेट: 2026-10