सोनपुर — हरिहरनाथ मंदिर व मेला
Sonepur (Harihar Nath & Mela)
धार्मिक स्थल📍 सारण
सोनपुर सारण ज़िले में गंगा और गंडक के संगम पर स्थित है, और यहाँ हरिहरनाथ मंदिर है — शिव और विष्णु के एक रूप की मान्यता, जिससे क्षेत्र को 'हरिहर क्षेत्र' कहा जाता है। कार्तिक पूर्णिमा से यहाँ सोनपुर मेला शुरू होता है, जिसे परंपरागत रूप से एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला माना जाता है। मेले के बाहर भी यह संगम और मंदिर के कारण तीर्थ स्थल बना रहता है।
क्या देखें
- गंगा और गंडक का संगम — स्नान का विशेष महत्व माना जाता है।
- हरिहरनाथ मंदिर — क्षेत्र के नाम और पहचान का आधार।
- कार्तिक पूर्णिमा से लगने वाला विशाल पशु मेला।
- पटना से नज़दीक — जेपी सेतु होकर लगभग 25 किलोमीटर।
जाने से पहले जान लें
- मेले के दिनों में भीड़ चरम पर रहती है; बाक़ी समय मंदिर और संगम शांत रहते हैं।
- कार्तिक पूर्णिमा की भोर में संगम पर स्नान के लिए बहुत भीड़ होती है।
- सर्दियाँ यात्रा के लिए अनुकूल मौसम हैं।
- मेले के समय ठहरने की व्यवस्था सीमित — पटना या हाजीपुर में रुकना आसान रहता है।
कैसे पहुँचें
- रेल: सोनपुर जंक्शन।
- सड़क: पटना से जेपी सेतु (दीघा–सोनपुर) या महात्मा गांधी सेतु होकर हाजीपुर के रास्ते।
- वायु: पटना हवाई अड्डा।
सामान्य प्रश्न
सोनपुर कहाँ है?
सारण ज़िले में, गंगा और गंडक के संगम पर — पटना से करीब 25 किलोमीटर।
हरिहरनाथ मंदिर का महत्व क्या है?
यहाँ शिव और विष्णु के एक रूप की मान्यता है, जिससे क्षेत्र का नाम हरिहर क्षेत्र पड़ा।
सोनपुर मेला कब लगता है?
कार्तिक पूर्णिमा से, और उसके बाद कई सप्ताह चलता है।
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अंतिम अपडेट: 2026-10