प्रमंडलTirhutSaranDarbhangaKosiPurniaBhagalpurMungerPatnaMagadh

विष्णुपद मंदिर, गया

Vishnupad Temple, Gaya

धार्मिक स्थल📍 गया

विष्णुपद मंदिर गया शहर का सबसे प्रमुख मंदिर है और पितृपक्ष में पिंडदान का केंद्र। मान्यता है कि यहाँ भगवान विष्णु के चरण-चिह्न अंकित हैं, और इसी से मंदिर का नाम पड़ा। मंदिर फल्गु नदी के तट के पास स्थित है, और गया की पहचान — मोक्षभूमि के रूप में — इसी मंदिर और इस कर्मकांड से बनी है।

क्या देखें

  • गर्भगृह में चरण-चिह्न की मान्यता, जो मंदिर के नाम का आधार है।
  • पितृपक्ष के सोलह दिनों में यह पूरे देश से आने वाले तीर्थयात्रियों का केंद्र बन जाता है।
  • मंदिर के पास फल्गु नदी का तट, जहाँ तर्पण किया जाता है।
  • अक्षयवट, जिसे पिंडदान की अंतिम वेदी माना जाता है, इसी क्षेत्र में है।

जाने से पहले जान लें

  • पितृपक्ष में भीड़ चरम पर रहती है; सामान्य दिनों में दर्शन सहज रहता है।
  • सुबह के समय दर्शन की कतार तुलनात्मक रूप से कम रहती है।
  • मंदिर परिसर में प्रवेश संबंधी नियम स्थान पर प्रदर्शित रहते हैं।
  • पिंडदान कराना हो तो दक्षिणा पहले तय कर लेना व्यावहारिक रहता है।

कैसे पहुँचें

  • रेल: गया जंक्शन से मंदिर कुछ ही दूरी पर है।
  • वायु: गया हवाई अड्डा।
  • सड़क: पटना से गया नियमित बस व टैक्सी सेवा से जुड़ा है।

सामान्य प्रश्न

विष्णुपद मंदिर क्यों प्रसिद्ध है?

यहाँ भगवान विष्णु के चरण-चिह्न की मान्यता है और यह पितृपक्ष में पिंडदान का प्रमुख स्थल है।

विष्णुपद मंदिर कहाँ है?

गया शहर में, फल्गु नदी के तट के पास।

पिंडदान कब किया जाता है?

मुख्यतः आश्विन कृष्ण पक्ष (पितृपक्ष) के सोलह दिनों में, पर यह सालभर भी किया जाता है।

गया की और जगहें

अंतिम अपडेट: 2026-10