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मलमास मेला, राजगीर

Malmas Mela, Rajgir

कब

अधिक मास (मलमास/पुरुषोत्तम मास) में — लगभग हर तीन वर्ष पर, एक महीने तक

तिथि स्विस एफ़ेमेरिस पंचांग से गणना की गई है — पंचांग देखें।

कहाँ

राजगीर, नालंदा — ब्रह्मकुंड व गर्म जल स्रोत

नालंदा ज़िले की खबरें →

मलमास मेला राजगीर का वह आयोजन है जो हर साल नहीं लगता। यह अधिक मास में होता है, जो चंद्र और सौर वर्ष के अंतर को संतुलित करने के लिए लगभग हर तीन वर्ष पर आता है। मान्यता है कि इस मास में देवता राजगीर के कुंडों में निवास करते हैं, और इसी विश्वास पर महीने भर यहाँ विशाल भीड़ जुटती है।

महत्व

  • अधिक मास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है और इसे विशेष पुण्यकाल माना जाता है।
  • परंपरा में मान्यता है कि इस मास में देवगण राजगीर के गर्म कुंडों में वास करते हैं।
  • मेला हर तीन वर्ष पर लगने के कारण इसकी भीड़ वार्षिक मेलों से अधिक होती है।
  • ब्रह्मकुंड और आसपास के कुंडों में स्नान इस मेले का केंद्रीय कर्म है।

मेले में क्या होता है

  • महीने भर कुंडों में स्नान और पूजा का क्रम चलता है।
  • देश के अलग-अलग हिस्सों से साधु-संत और अखाड़े राजगीर पहुँचते हैं।
  • प्रवचन, भंडारे और धार्मिक आयोजन पूरे मास चलते रहते हैं।
  • प्रशासन एक महीने के लिए अस्थायी नगर जैसी व्यवस्था — पेयजल, शौचालय, चिकित्सा और सुरक्षा — खड़ी करता है।

कैसे पहुँचें

  • रेल: राजगीर स्टेशन; बिहार शरीफ़ और गया दोनों तरफ़ से पहुँचा जा सकता है।
  • सड़क: पटना से बिहार शरीफ़ होकर राजगीर।
  • मेले के दिनों में स्थानीय यातायात मार्ग बदले जाते हैं।

ज़रूरी बातें

  • यह मेला हर साल नहीं लगता — जाने से पहले पुष्टि कर लें कि इस वर्ष अधिक मास है या नहीं।
  • कुंडों पर भीड़ सबसे अधिक होती है; फिसलन से बचाव रखें।
  • महीने भर चलने वाले मेले में शुरुआती और अंतिम दिनों में भीड़ सबसे घनी रहती है।
  • ठहरने की व्यवस्था सीमित पड़ जाती है — पहले से तय करें।

सामान्य प्रश्न

मलमास मेला कब लगता है?

अधिक मास (मलमास) में, जो लगभग हर तीन वर्ष पर आता है। मेला पूरे मास चलता है।

मलमास मेला कहाँ लगता है?

नालंदा ज़िले के राजगीर में, ब्रह्मकुंड और आसपास के गर्म जल कुंडों के क्षेत्र में।

अधिक मास क्या है?

चंद्र और सौर वर्ष के अंतर को संतुलित करने के लिए जोड़ा गया अतिरिक्त मास, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है।

इस मेले में मुख्य कर्म क्या है?

राजगीर के गर्म कुंडों में स्नान और पूजा।

अंतिम अपडेट: 2026-10