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राजगीर महोत्सव

Rajgir Mahotsav

कब

प्रायः अक्टूबर–नवंबर में; तिथियाँ हर साल पर्यटन विभाग तय करता है

तिथि स्विस एफ़ेमेरिस पंचांग से गणना की गई है — पंचांग देखें।

कहाँ

राजगीर, नालंदा — प्राचीन राजगृह

नालंदा ज़िले की खबरें →

राजगीर महोत्सव नृत्य, संगीत और लोककला का सांस्कृतिक आयोजन है, जो राजगीर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में होता है। राजगीर प्राचीन राजगृह है — मगध की पहली राजधानी, और बुद्ध व महावीर दोनों से जुड़ा स्थान। महोत्सव इसी विरासत को मंच पर लाता है, और यही इसे बिहार के बाक़ी सांस्कृतिक आयोजनों से अलग करता है।

महत्व

  • राजगृह मगध की प्राचीन राजधानी था — पाटलिपुत्र से पहले सत्ता का केंद्र।
  • बुद्ध ने गृद्धकूट पर उपदेश दिए; जैन परंपरा में भी राजगीर का विशेष स्थान है।
  • ब्रह्मकुंड के गर्म जल स्रोत सदियों से यात्रियों को खींचते रहे हैं।
  • रत्नागिरि पर विश्व शांति स्तूप और उस तक जाने वाला रोपवे राजगीर की पहचान बन चुके हैं।

मेले में क्या होता है

  • शास्त्रीय व लोक नृत्य, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियाँ।
  • हस्तशिल्प व स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी और स्टॉल।
  • खेल व ग्रामीण प्रतियोगिताएँ कुछ वर्षों में आयोजन का हिस्सा रहती हैं।
  • महोत्सव के दिनों में राजगीर के पर्यटन स्थलों पर भीड़ बढ़ जाती है।

कैसे पहुँचें

  • रेल: राजगीर स्टेशन सीधा जुड़ा है; बिहार शरीफ़ और गया दोनों नज़दीक हैं।
  • सड़क: पटना से राजगीर सड़क मार्ग से जुड़ा है, बिहार शरीफ़ होकर।
  • नालंदा के अवशेष राजगीर से थोड़ी दूरी पर हैं — एक ही यात्रा में दोनों देखे जा सकते हैं।

ज़रूरी बातें

  • तिथियाँ हर साल बदलती हैं — जाने से पहले आयोजन की पुष्टि कर लें।
  • राजगीर में देखने के स्थान फैले हुए हैं; दो दिन रखें तो जल्दबाज़ी नहीं होगी।
  • रोपवे और गर्म कुंड पर सुबह भीड़ कम रहती है।
  • महोत्सव के दिनों में ठहरने की मांग बढ़ती है — बुकिंग पहले कराएँ।

सामान्य प्रश्न

राजगीर महोत्सव कब होता है?

प्रायः अक्टूबर–नवंबर में, और तिथियाँ हर साल पर्यटन विभाग तय करता है।

राजगीर क्यों प्रसिद्ध है?

यह प्राचीन राजगृह है — मगध की पहली राजधानी, बुद्ध और महावीर दोनों से जुड़ा स्थान, और गर्म जल कुंडों के लिए जाना जाता है।

राजगीर में क्या देखें?

विश्व शांति स्तूप और रोपवे, ब्रह्मकुंड के गर्म स्रोत, गृद्धकूट, वेणुवन और पास में नालंदा के अवशेष।

राजगीर कैसे पहुँचें?

राजगीर रेलवे स्टेशन, या पटना से बिहार शरीफ़ होकर सड़क मार्ग।

अंतिम अपडेट: 2026-10