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अररिया: 3949 शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के फोल्डर लापता, निगरानी जांच जारी

Araria: 3949 Teachers' Academic Certificate Folders Missing, Vigilance Probe Underway

Dainik Bhaskar27 अक्टूबर 2026
प्रखंड: पलासी

अररिया जिले में वर्ष 2006 से 2015 के बीच पंचायत और नगर निकायों के माध्यम से हुई शिक्षक नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही है। निगरानी विभाग द्वारा जांच के लिए मांगे गए 8620 शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों से संबंधित फोल्डर में से 3949 शिक्षकों के फोल्डर अब तक नहीं मिल सके हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, 4289 शिक्षकों के फोल्डर की जांच में प्रमाणपत्र सही पाए गए हैं। हाल ही में, पलासी प्रखंड से 382 फोल्डर निगरानी विभाग को भेजे गए हैं, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में शिक्षकों के दस्तावेजों का पता नहीं चल पाया है।

यह मामला केवल अररिया तक ही सीमित नहीं है, बल्कि राज्य स्तर पर भी गंभीर बना हुआ है। पूरे बिहार में लगभग 68,379 शिक्षकों के फोल्डर गायब बताए जा रहे हैं। निगरानी जांच के दौरान दूसरे राज्यों और नेपाल के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की प्रामाणिकता पर भी सवाल उठे हैं। आशंका है कि कुछ शिक्षकों ने उत्तर प्रदेश, झारखंड, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और नेपाल के कथित फर्जी डिग्री व प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी हासिल की थी। हालांकि, फोल्डर नहीं मिलना अपने आप में किसी शिक्षक के प्रमाणपत्र को फर्जी साबित नहीं करता; इसके लिए दस्तावेजों का सत्यापन आवश्यक है।

शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि जांच में जिन शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाएंगे या जिनकी नियुक्ति अवैध साबित होगी, उन्हें तत्काल बर्खास्त किया जाएगा। ऐसे शिक्षकों से अब तक भुगतान किए गए वेतन की राशि ब्याज सहित वसूलने की भी बात कही गई है। इस संबंध में अररिया के डीईओ साहेब आलम ने जानकारी होने से इनकार किया है, उनका कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है और उन्हें इस संबंध में कोई विभागीय जानकारी नहीं मिली है।

In Araria district, irregularities are suspected in teacher appointments made between 2006 and 2015 through panchayats and urban local bodies. Out of 8620 teachers' academic certificate folders requested by the vigilance department for investigation, 3949 folders are still missing. According to departmental data, certificates of 4289 teachers have been found correct after verification. Recently, 382 folders were sent to the vigilance department from Palasi block, but a large number of teachers' documents remain untraceable.

This issue is not confined to Araria alone but is a serious concern at the state level. Across Bihar, approximately 68,379 teachers' folders are reported missing. During the vigilance inquiry, questions have also been raised about the authenticity of academic certificates from other states and Nepal. It is suspected that some teachers secured jobs based on alleged fake degrees and certificates from Uttar Pradesh, Jharkhand, Delhi, Haryana, Punjab, and Nepal. However, the mere absence of a folder does not prove a teacher's certificate to be fake; document verification is essential.

The Education Minister has clarified that teachers whose academic certificates are found to be fake or whose appointments are proven illegal will be dismissed immediately. There is also a plan to recover the salaries paid to such teachers, along with interest. Araria DEO, Saheb Alam, has denied having any information regarding this matter, stating that the issue is not in his knowledge, and he has not received any departmental information in this regard.

hamarazila.in डेस्क · AI-सहायता से तैयार · संपादकीय नीति

स्रोत: Dainik Bhaskar की रिपोर्ट के आधार पर

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