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पालीगंज में 11 स्थानों पर लगा सहयोग शिविर, सैकड़ों लोगों ने किया आवेदन

Cooperation Camps Held at 11 Locations in Paliganj, Hundreds Apply for Grievance Redressal

Dainik Bhaskar7 जुलाई 2026
प्रखंड: पालीगंज

पटना जिले के पालीगंज प्रखंड में जन समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से 11 विभिन्न स्थानों पर 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया गया। इन शिविरों में सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोगों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं और उनके निवारण के लिए आवेदन दिए। यह पहल प्रशासन द्वारा जनता तक पहुंचने और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने के लिए की गई है।

शिविरों में प्राप्त आवेदनों में भूमि विवाद, राशन कार्ड संबंधी त्रुटियां, वृद्धावस्था पेंशन में देरी, मनरेगा मजदूरी भुगतान, बिजली बिल संबंधी शिकायतें और अन्य सरकारी योजनाओं से संबंधित मुद्दे प्रमुख थे। ग्रामीणों ने बताया कि इन शिविरों से उन्हें अपनी बात सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिला है, जिससे उन्हें उम्मीद है कि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द हो पाएगा।

प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर ही कई शिकायतों का निपटारा किया, जबकि कुछ मामलों को आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया गया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सभी आवेदनों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और निश्चित समय-सीमा के भीतर उनका समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे शिविरों का आयोजन भविष्य में भी किया जाता रहेगा ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।

इस प्रकार के शिविरों का मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवाओं को जनता के करीब लाना और उनकी भागीदारी को बढ़ाना है। यह स्थानीय प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने में सहायक होता है। पालीगंज में आयोजित इन शिविरों की सफलता को देखते हुए, ऐसी उम्मीद है कि अन्य प्रखंडों में भी इसी तरह की पहल की जाएगी ताकि बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में जन शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

In a significant move to address public grievances, 'Cooperation Camps' were organized at 11 different locations across the Paliganj block of Patna district. Hundreds of local residents participated in these camps, submitting applications for the resolution of their various complaints. This initiative reflects the administration's commitment to reaching out to the public and resolving their issues on a priority basis.

The applications received at the camps primarily pertained to land disputes, errors in ration cards, delays in old-age pensions, MNREGA wage payments, electricity bill complaints, and other government scheme-related issues. Villagers expressed relief, stating that these camps provided them a direct platform to communicate their concerns to officials, fostering hope for prompt resolutions.

Administrative officials present at the camps resolved many grievances on the spot, while others were forwarded to the respective departments for further action. Officials assured the public that all applications would be given serious consideration and resolved within a stipulated timeframe. They also indicated that similar camps would continue to be organized in the future to benefit a larger section of the populace.

The primary objective of such camps is to bring government services closer to the people and enhance their participation, thereby strengthening trust between local administration and the public. Given the success of these camps in Paliganj, it is anticipated that similar initiatives will be replicated in other blocks to further streamline the public grievance redressal system in rural Bihar.

hamarazila.in डेस्क · AI-सहायता से तैयार · संपादकीय नीति

स्रोत: Dainik Bhaskar की रिपोर्ट के आधार पर

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