प्रमंडलTirhutSaranDarbhangaKosiPurniaBhagalpurMungerPatnaMagadh
अपराधCrime#Kaimur#electrocution#farmerdeath

भभुआ में किसान की करंट लगने से दर्दनाक मौत, खेत में गिरा 11 हजार वोल्ट का तार

Farmer Dies of Electrocution in Bhabhua After 11,000 Volt Wire Falls in Field

Dainik Bhaskar16 जुलाई 2026
खनेठी गांवथाना: भभुआ थानासोमवार रात

कैमूर जिले के भभुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत खनेठी गांव में एक किसान की बिजली के तार की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। यह हृदय विदारक घटना सोमवार की रात उस समय हुई जब किसान अपने खेत में धान की रोपनी का काम देखने गए थे। जानकारी के अनुसार, मृतक किसान की पहचान 60 वर्षीय रामनाथ सिंह के रूप में हुई है, जो खनेठी गांव के ही निवासी थे।

घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि सोमवार रात रामनाथ सिंह अपने धान के खेत में चल रहे रोपनी के काम का मुआयना करने गए थे। इसी दौरान खेत में पहले से गिरा हुआ 11 हजार वोल्ट का बिजली का तार उनके संपर्क में आ गया, जिससे उन्हें जोरदार करंट लगा। करंट लगने से रामनाथ सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए।

परिजनों ने बताया कि रामनाथ सिंह एक मेहनती किसान थे और खेती-किसानी से ही अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी आकस्मिक मौत से परिवार में मातम पसर गया है। ग्रामीणों और परिजनों ने बिजली विभाग की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि बिजली विभाग की ओर से तारों के रखरखाव में घोर लापरवाही बरती जाती है, जिसके कारण अक्सर ऐसे हादसे होते रहते हैं। उन्होंने प्रशासन से मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय भभुआ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भभुआ सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बिजली के जर्जर तारों और उनके उचित रखरखाव के अभाव की समस्या को उजागर किया है, जिससे किसानों और आम लोगों की जान को खतरा बना रहता है।

A farmer in Kaimur district's Bhabhua police station area tragically died due to electrocution after coming into contact with a live electric wire. The incident occurred on Monday night in Khenethi village when the 60-year-old farmer, identified as Ramnath Singh, went to inspect the paddy transplantation work in his field. It is reported that an 11,000-volt electric wire had fallen in the field, and Singh accidentally touched it, leading to instant death.

Following the incident, villagers gathered at the spot, expressing shock and grief. Family members highlighted that Ramnath Singh was a hardworking farmer who supported his family through agriculture. His sudden demise has plunged the family into mourning. Villagers and relatives have raised serious concerns about the alleged negligence of the electricity department, accusing them of poor maintenance of power lines, which they claim frequently leads to such accidents. They have demanded appropriate compensation for the victim's family and action against those responsible.

Local Bhabhua police were informed and arrived at the scene. They took the body into custody and sent it to Bhabhua Sadar Hospital for post-mortem examination. The police have initiated an investigation into the matter. This incident once again underscores the critical issue of dilapidated electric wires and the lack of proper maintenance in rural areas, posing a significant risk to the lives of farmers and the general public.

स्रोत: Dainik Bhaskar की रिपोर्ट के आधार पर

वॉर्ड WhatsApp ग्रुप में भेजेंShare to Ward WhatsApp Group

Kaimur की और खबरेंMore from Kaimur

अपराध

डीएफसीसी लाइन पर मालगाड़ी से कटकर एक व्यक्ति की मौत, जीआरपी जांच में जुटी

बिहार में डीएफसीसी लाइन पर एक मालगाड़ी की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। जीआरपी मामले की जांच कर रही है और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि मृतक की शिनाख्त हो सके और घटना के कारणों का पता लगाया जा सके। डीएफसीसी लाइनें उच्च गति वाली मालगाड़ियों के लिए होती हैं और इन पर पैदल चलना खतरनाक होता है। रेलवे प्रशासन लोगों से सावधानी बरतने की अपील करता रहा है।

Dainik Bhaskar · Kaimur

विकासराजनीति

पैक्सों में सीएससी सेवाओं और पीडीएस वितरण का मांगा जा रहा विस्तृत हिसाब

बिहार में प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) से कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से प्रदान की गई सेवाओं और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत हुए राशन वितरण का विस्तृत हिसाब मांगा जा रहा है। सहकारिता विभाग ने सभी पैक्सों को निर्देश दिया है कि वे सीएससी द्वारा किसानों को दी गई डिजिटल सेवाओं का पूरा ब्योरा प्रस्तुत करें, जिसमें ऑनलाइन आवेदन, प्रमाण पत्र निर्माण और बिल भुगतान शामिल हैं। साथ ही, पीडीएस के तहत वितरित अनाज की मात्रा, लाभार्थियों की संख्या और स्टॉक की स्थिति का भी हिसाब देना होगा। इस पहल का उद्देश्य पैक्सों के संचालन में पारदर्शिता लाना, वित्तीय अनियमितताओं पर रोक लगाना और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना है। विभाग का कहना है कि यह नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, जिससे पैक्सों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

Dainik Bhaskar · Kaimur