प्रमंडलTirhutSaranDarbhangaKosiPurniaBhagalpurMungerPatnaMagadh
राजनीतिPolitics#Muzaffarpur#jdumla#komalsingh

गायघाट में बाढ़ पीड़ितों से मिलने पहुंचीं JDU विधायक कोमल सिंह, लोगों ने घेरकर की जमकर नारेबाजी

JDU MLA Komal Singh Confronted by Flood Victims in Gaighat, Faced Protests

Hindustan13 अगस्त 2026
गायघाटप्रखंड: गायघाट

मुजफ्फरपुर, 25 अगस्त 2026: मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट प्रखंड में बाढ़ पीड़ितों से मिलने पहुंचीं जेडीयू विधायक कोमल सिंह को लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने विधायक को घेर लिया और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का आरोप था कि बाढ़ आने के बाद से अब तक उन्हें किसी तरह की सरकारी मदद नहीं मिली है।

विधायक कोमल सिंह जैसे ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पहुंचीं, स्थानीय लोगों ने उन्हें घेर लिया। ग्रामीणों ने कहा कि वे कई दिनों से बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई सुध नहीं ली जा रही है। उन्होंने विधायक से पूछा कि आखिर आपदा की इस घड़ी में सरकार और जनप्रतिनिधि कहां थे। ग्रामीणों ने राहत सामग्री और मुआवजे की मांग करते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की। स्थिति ऐसी हो गई कि विधायक को लोगों के विरोध के बीच से निकलना मुश्किल हो गया। बाद में स्थानीय प्रशासन और उनके सुरक्षाकर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा ताकि विधायक को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। इस घटना से क्षेत्र में बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं और सरकारी व्यवस्था के प्रति उनके असंतोष का पता चलता है।

Muzaffarpur, August 25, 2026: JDU MLA Komal Singh faced strong protests from flood-affected residents when she visited Gaighat block in Muzaffarpur district. Angered villagers surrounded the MLA and raised slogans against her, accusing the government of failing to provide any assistance since the floods began.

Upon MLA Komal Singh's arrival in the flood-hit area, local residents immediately encircled her. The villagers complained that they had been stranded in floodwaters for several days without any intervention from the administration. They questioned the absence of government and public representatives during this time of disaster. Expressing their dissatisfaction, the residents demanded relief materials and compensation. The situation became so tense that it was difficult for the MLA to move through the crowd. Local administration and her security personnel eventually had to intervene to ensure her safe exit. This incident highlights the severe problems faced by flood victims in the region and their deep-seated dissatisfaction with government response.

hamarazila.in डेस्क · AI-सहायता से तैयार · संपादकीय नीति

स्रोत: Hindustan की रिपोर्ट के आधार पर

वॉर्ड WhatsApp ग्रुप में भेजेंShare to Ward WhatsApp Group

इस खबर का आपके इलाके से रिश्ता

मुजफ्फरपुर ज़िले का आधिकारिक आंकड़ा — नदी स्तर, प्रतिनिधि, ज़रूरी सुविधाएँ

नदी का जलस्तर

बागमती (Benibad) — सामान्य, 1.63 मी. नीचे

गंडक (Rewaghat) — सामान्य, 3.05 मी. नीचे

बूढ़ी गंडक (Sikandarpur (Muzzafarpur)) — सामान्य, 5.29 मी. नीचे

पूरी बाढ़ स्थिति →

क्षेत्र के विधायक

Komal Singh · JD(U) · GAIGHAT क्षेत्र की खबरें →

ज़िले की नई योजना

कृषि इनपुट अनुदान योजना · असिंचित क्षेत्र के लिए ₹8,500/हेक्टेयर, सिंचित के लिए ₹17,000/हेक्टेयर, और शाश्वत/बहुवर्षीय फसलों के लिए ₹22,500/हेक्टेयर (अधिकतम 2 हेक्टेयर तक)। विवरण →

Muzaffarpur की और खबरेंMore from Muzaffarpur

राजनीतिविकास

बिहार पुलिस में फेरबदल: खगड़िया और शिवहर को मिले नए एसपी, 5 आईपीएस अधिकारियों का तबादला

बिहार सरकार ने पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल करते हुए पांच आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया है। इस फेरबदल के तहत खगड़िया और शिवहर जिलों को नए पुलिस अधीक्षक (एसपी) मिले हैं। शैलेन्द्र सिंह खगड़िया के नए एसपी बने हैं, जबकि मो. मोहिबुल्लाह अंसारी को शिवहर का एसपी नियुक्त किया गया है। खगड़िया के तत्कालीन एसपी भानू प्रताप सिंह को हटाकर पुलिस मुख्यालय, पटना भेजा गया है। इसके अलावा, आईपीएस अधिकारी अपराजीत को राज्यपाल सचिवालय में तैनात किया गया है, और नव प्रोन्नत आईपीएस कुमारी ममता कल्याणी को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीपक कुमार सिंह को राज्यपाल सचिवालय से हटाकर राज्य योजना पर्षद का मुख्य परामर्शी बनाया गया है।

Dainik Bhaskar · 📍 पुलिस मुख्यालय

अपराध

सरैया के बसंतपुर पट्टी में नवविवाहिता का शव फंदे से लटका मिला, मायके वालों ने लगाया दहेज हत्या का आरोप

मुजफ्फरपुर के सरैया थाना क्षेत्र के बसंतपुर पट्टी गांव में गुरुवार रात 20 वर्षीय नवविवाहिता पिंकी कुमारी का शव घर में फंदे से लटका मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पिंकी की शादी मई 2026 में हुई थी। मायके वालों ने आरोप लगाया है कि शादी के कुछ दिनों बाद से ही ससुराल वाले अपाचे बाइक, सोने का ब्रेसलेट और नकद पैसों की मांग कर रहे थे और मांग पूरी न होने पर पिंकी को परेशान करते थे। उन्होंने सास सुमंती देवी, देवर रितेश पासवान और अनिल पासवान की पत्नी सहित अन्य परिजनों पर दहेज के लिए पिंकी की हत्या कर शव लटकाने का आरोप लगाया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चलेगा और आवेदन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

Dainik Bhaskar · 📍 बसंतपुर पट्टी