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महिषी: कुंदह पीएचसी में दोपहर में ताला, विधायक के औचक निरीक्षण में कर्मचारी नदारद

Mahishi: Kundah PHC Locked at Noon, Staff Absent During MLA's Surprise Inspection

Dainik Bhaskar13 जुलाई 2026
कुंदहप्रखंड: महिषीगुरुवार दोपहर

सहरसा जिले के महिषी प्रखंड स्थित कुंदह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था एक बार फिर उजागर हुई है। विधायक गुंजेश्वर साह ने गुरुवार को इस पीएचसी का औचक निरीक्षण किया, तो दोपहर के समय अस्पताल में ताला लटका मिला और सभी कर्मचारी अपनी ड्यूटी से नदारद थे। इस स्थिति को देखकर विधायक ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, विधायक गुंजेश्वर साह को लगातार कुंदह पीएचसी में अनियमितताओं और कर्मचारियों की अनुपस्थिति की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों की पुष्टि के लिए उन्होंने स्वयं अस्पताल का दौरा करने का फैसला किया। जब वे दोपहर के समय पीएचसी पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि मुख्य द्वार पर ताला लगा हुआ था और भीतर कोई भी स्वास्थ्यकर्मी या अन्य कर्मचारी मौजूद नहीं था। अस्पताल पूरी तरह से खाली पड़ा था।

विधायक ने मौके पर उपस्थित स्थानीय लोगों से भी बात की, जिन्होंने बताया कि यह कोई नई बात नहीं है। अक्सर दोपहर के समय या अन्य निर्धारित समय पर अस्पताल में ताला लगा रहता है और मरीज इलाज के लिए भटकते रहते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यहां डॉक्टर और स्टाफ नियमित रूप से अपनी ड्यूटी पर नहीं आते, जिससे ग्रामीण मरीजों को काफी परेशानी होती है। उन्हें छोटी-मोटी बीमारियों के लिए भी दूर के निजी क्लीनिकों या अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जिसमें समय और धन दोनों बर्बाद होते हैं।

विधायक गुंजेश्वर साह ने इस गंभीर लापरवाही पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति घोर उदासीनता का परिचायक है और मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन और जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों से बात करने और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा ताकि ग्रामीण इलाकों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

A shocking revelation of the dilapidated state of health services has emerged from the Kundah Primary Health Centre (PHC) in Mahishi block, Saharsa district. MLA Gunjeshwar Sah conducted a surprise inspection of the PHC on Thursday, only to find the hospital locked at noon with all staff absent from duty. The MLA expressed deep dissatisfaction over this situation.

According to available information, MLA Gunjeshwar Sah had been receiving continuous complaints about irregularities and staff absenteeism at the Kundah PHC. To verify these complaints, he decided to visit the hospital himself. Upon arriving at the PHC in the afternoon, he found the main gate locked and no healthcare workers or other staff present inside. The hospital was completely deserted.

The MLA also spoke to local residents present at the scene, who stated that this was not a new occurrence. The hospital is often found locked during the afternoon or other scheduled times, leaving patients to wander without treatment. Villagers reported that doctors and staff do not regularly attend their duties, causing significant hardship for rural patients. They are forced to travel to distant private clinics or other hospitals even for minor ailments, wasting both time and money.

MLA Gunjeshwar Sah has strongly objected to this serious negligence. He stated that it reflects extreme indifference towards the healthcare system and plays with the lives of patients. Taking the matter seriously, he assured that he would speak with the Civil Surgeon and high-ranking officials of the district administration to ensure strict action against the negligent employees. He emphasized that such negligence would not be tolerated and every possible effort would be made to improve health services, ensuring better facilities for people in rural areas.

स्रोत: Dainik Bhaskar की रिपोर्ट के आधार पर

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