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नालंदा की गिद्धि झील में प्रवासी पक्षियों का बसेरा, 50 से अधिक जलमोर देखे गए

Nalanda's Giddhi Lake Becomes Home to Migratory Birds, Over 50 Waterfowl Spotted

Dainik Bhaskar8 जुलाई 2026
गिद्धि झील

नालंदा जिले की गिद्धि झील एक बार फिर प्रवासी पक्षियों के कलरव से गुलजार हो उठी है। स्थानीय लोगों और पक्षी प्रेमियों के लिए यह खुशी का मौका है क्योंकि इस वर्ष 50 से अधिक 'जलमोर' (Waterfowl) नामक प्रवासी पक्षी यहाँ देखे गए हैं। इन पक्षियों का आगमन झील की जैव विविधता को और समृद्ध कर रहा है।

गिद्धि झील, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जानी जाती है, हर साल सर्दियों की शुरुआत के साथ ही हजारों मील दूर से आने वाले पक्षियों का आशियाना बन जाती है। इन प्रवासी पक्षियों में मुख्य रूप से साइबेरिया, चीन, एशिया और यूरोप के विभिन्न हिस्सों से आने वाले पक्षी शामिल होते हैं। वे ठंड से बचने और भोजन की तलाश में लंबी दूरी तय कर यहाँ पहुंचते हैं।

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि गिद्धि झील का पारिस्थितिकी तंत्र प्रवासी पक्षियों के लिए बेहद अनुकूल है। झील में प्रचुर मात्रा में भोजन, जैसे छोटी मछलियाँ, जलीय पौधे और कीड़े-मकोड़े उपलब्ध हैं, जो इन पक्षियों को आकर्षित करते हैं। इसके अलावा, झील का शांत और सुरक्षित वातावरण उन्हें प्रजनन और विश्राम के लिए आदर्श स्थान प्रदान करता है।

स्थानीय प्रशासन और पर्यावरणविदों द्वारा झील और उसके आसपास के क्षेत्र के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी इसमें अहम योगदान है। जागरूकता अभियानों और अवैध शिकार पर रोक लगाने से पक्षियों को सुरक्षित महसूस होता है, जिससे उनकी संख्या में वृद्धि देखी जा रही है।

प्रवासी पक्षियों का आगमन न केवल गिद्धि झील की सुंदरता बढ़ाता है, बल्कि यह पर्यावरण संतुलन के लिए भी महत्वपूर्ण है। ये पक्षी बीज फैलाव और कीट नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे स्थानीय वनस्पति और कृषि को भी लाभ मिलता है। पक्षी प्रेमियों और पर्यटकों के लिए गिद्धि झील एक लोकप्रिय गंतव्य बन गई है, जो इन खूबसूरत मेहमानों को देखने के लिए दूर-दूर से आते हैं। उम्मीद है कि आने वाले समय में इनकी संख्या और बढ़ेगी और गिद्धि झील एक महत्वपूर्ण पक्षी अभयारण्य के रूप में अपनी पहचान बनाए रखेगी।

Nalanda district's Giddhi Lake has once again become a bustling hub for migratory birds. This year, over 50 'Waterfowl' have been spotted, delighting locals and bird enthusiasts. The arrival of these birds significantly enriches the lake's biodiversity.

Giddhi Lake, renowned for its natural beauty and serene environment, transforms into a haven for birds traveling thousands of miles as winter approaches. These migratory species primarily originate from Siberia, China, various parts of Asia, and Europe. They undertake long journeys to escape the harsh cold and seek sustenance.

Wildlife experts believe that Giddhi Lake's ecosystem is exceptionally conducive for migratory birds. The lake offers an abundance of food sources, including small fish, aquatic plants, and insects, which act as a strong attractant. Furthermore, the tranquil and secure environment provides an ideal location for breeding and rest.

Efforts by local administration and environmentalists to conserve the lake and its surrounding areas have also played a crucial role. Awareness campaigns and measures to curb illegal hunting have made the birds feel safer, leading to an increase in their numbers. The arrival of migratory birds not only enhances the beauty of Giddhi Lake but is also vital for ecological balance. These birds play a significant role in seed dispersal and pest control, benefiting local vegetation and agriculture. Giddhi Lake has become a popular destination for birdwatchers and tourists who travel from far and wide to witness these beautiful visitors. It is hoped that their numbers will continue to grow, and Giddhi Lake will maintain its identity as an important bird sanctuary.

स्रोत: Dainik Bhaskar की रिपोर्ट के आधार पर

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