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पालीगंज अनुमंडल में धान की रोपनी तेज, सोन नहर बनी किसानों का सहारा

PaliGanj Subdivision Sees Accelerated Paddy Transplantation, Sone Canal A Lifeline Amid Weak Monsoon

Dainik Bhaskar15 जुलाई 2026
प्रखंड: पालीगंजसोन नहर

पटना जिले के पालीगंज अनुमंडल में इस वर्ष धान की रोपनी ने गति पकड़ ली है। सोन नहर से समय पर सिंचाई का पानी मिलने के कारण किसानों को बड़ी राहत मिली है, जिससे अधिकांश क्षेत्रों में धान की बुआई तेजी से हो रही है। हालांकि, कमजोर मानसून के कारण कुछ ऐसे क्षेत्र भी हैं जहाँ अभी भी किसान मायूस हैं और अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

अनुमंडल के किसान बताते हैं कि जहां-जहां सोन नहर का पानी पहुंच रहा है, वहां धान के बिचड़े तैयार कर रोपनी का कार्य जोरों पर है। नहर के पानी ने सूखे की आशंका को काफी हद तक कम कर दिया है, जिससे किसान उत्साहित हैं। पालीगंज, बिक्रम, नौबतपुर और दुल्हिनबाजार जैसे प्रखंडों के कई गाँवों में किसानों के खेतों में धान के बिचड़े लहलहा रहे हैं और मजदूर रोपनी में जुटे हुए हैं।

दूसरी ओर, जिन क्षेत्रों में सोन नहर का पानी नहीं पहुंच पाता है और वे पूरी तरह से मानसून पर निर्भर हैं, वहां के किसान अभी भी चिंतित हैं। इन इलाकों में कम बारिश के कारण खेत सूखे पड़े हैं और बिचड़े तैयार करने में भी दिक्कतें आ रही हैं। ऐसे किसानों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होगी, जिससे वे भी धान की रोपनी कर पाएंगे।

कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और किसानों को हर संभव मदद पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। नहर से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी उचित कदम उठाए जा रहे हैं। धान बिहार की प्रमुख खरीफ फसल है और इसकी अच्छी पैदावार राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।

Paddy transplantation has gained momentum in the PaliGanj subdivision of Patna district this year. The timely availability of irrigation water from the Sone Canal has provided significant relief to farmers, leading to rapid paddy sowing in most areas. However, due to a weak monsoon, some regions still face disappointment, with farmers awaiting good rainfall.

Farmers in the subdivision report that wherever the Sone Canal water reaches, paddy nurseries are ready, and transplantation work is in full swing. The canal water has largely mitigated the fear of drought, boosting farmers' morale. In several villages across blocks like PaliGanj, Bikram, Naubatpur, and Dulhinbazar, paddy seedlings are thriving in farmers' fields, and laborers are busy with transplantation.

Conversely, farmers in areas not served by the Sone Canal and entirely dependent on the monsoon remain concerned. Low rainfall in these regions has left fields dry, posing difficulties in preparing seedlings. These farmers hope for substantial rainfall in the coming days to enable them to transplant their paddy crops.

Agriculture department officials state they are continuously monitoring the situation and striving to provide all possible assistance to farmers. Measures are also being taken to ensure the availability of canal water. Paddy is Bihar's primary Kharif crop, and a good yield is crucial for the state's economy.

स्रोत: Dainik Bhaskar की रिपोर्ट के आधार पर

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