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पटना के मोगलचक में पुल तैयार, फिर भी डायवर्सन से आवाजाही, ग्रामीण परेशान

New Bridge Ready in Patna's Mogalchak, Yet Diversion Causes Trouble for Locals

Dainik Bhaskar3 सितंबर 2026
मोगलचक गांवप्रखंड: बेलछीदो महीने से ज्यादा समय से

पटना के बेलछी प्रखंड के मोगलचक गांव में ग्रामीण सड़क पर बना नया पुल दो महीने से अधिक समय से बनकर तैयार है, लेकिन इसका उद्घाटन नहीं हुआ है। पुल पर मिट्टी भराई का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है, जिसके कारण ग्रामीणों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुल बनने के बावजूद पुराना डायवर्सन नहीं हटाया गया है, और बारिश के कारण उस पर पानी और कीचड़ जमा हो गया है, जिससे स्थिति और भी खराब हो गई है।

ग्रामीणों ने बताया कि पुल तैयार होने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही मिट्टी भरने का काम पूरा होगा और पुल से आवाजाही शुरू हो जाएगी। हालांकि, दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुल चालू नहीं हुआ है। ऐसे में गांव के लोगों को मजबूरी में उसी पुराने और जर्जर डायवर्सन का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जो बारिश के बाद कीचड़ और पानी से भर जाता है।

ग्रामीणों के अनुसार, डायवर्सन पर पानी भरने से बाइक, चारपहिया वाहन और पैदल चलने वालों को काफी मुश्किल होती है। खासकर स्कूली वाहनों के लिए यह रास्ता बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। कई बार स्कूल वाहन कीचड़ में फंस जाते हैं, जिसके बाद स्थानीय लोगों को मिलकर गाड़ी को धक्का देकर निकालना पड़ता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि डायवर्सन पर फिसलन के कारण आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। कई लोगों के हाथ-पैरों में चोट लगने की खबरें भी सामने आई हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि यदि पुल बनने के बाद समय पर मिट्टी भरी जाती और संपर्क सड़क बना दी जाती, तो उन्हें इस समस्या से राहत मिल जाती। उन्होंने विभाग और अधिकारियों से जल्द से जल्द पुल पर मिट्टी भरने का काम पूरा कराने और डायवर्सन हटाकर नए पुल से आवाजाही शुरू कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण पूरा होने के बाद भी सुविधा न मिलना विभाग की लापरवाही को दर्शाता है।

A new bridge constructed on a rural road in Mogalchak village, Belchhi block, Patna, has been ready for over two months, but its inauguration is pending. The bridge remains non-functional due to the incomplete earth-filling work, causing significant inconvenience for local villagers. Despite the new bridge being ready, the old diversion has not been removed, and recent rains have turned it into a muddy and waterlogged stretch, exacerbating the problem.

Villagers expressed their disappointment, stating that they had hoped for the bridge to open soon after its completion. However, with over two months passed, the bridge is still not operational. Consequently, residents are forced to use the old, dilapidated diversion, which becomes impassable with mud and water during the monsoon.

According to locals, the waterlogged diversion poses considerable difficulties for motorcyclists, four-wheelers, and pedestrians. School vehicles, in particular, face severe challenges, often getting stuck in the mud, requiring villagers to push them out. Residents also reported frequent accidents, with people slipping and sustaining injuries due to the slippery conditions of the diversion.

Villagers allege that timely earth-filling and the construction of approach roads after the bridge's completion would have alleviated their troubles. They have urged the concerned department and officials to expedite the remaining work, remove the diversion, and open the new bridge for public use. The community views the delay in providing the intended facility, despite the completion of construction, as a clear sign of departmental negligence.

hamarazila.in डेस्क · AI-सहायता से तैयार · संपादकीय नीति

स्रोत: Dainik Bhaskar की रिपोर्ट के आधार पर

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