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फुलवारी शरीफ निकाय भंग: आफताब ने सरकार को कोर्ट जाने की चेतावनी दी

Phulwari Sharif Civic Body Dissolution: Aftab Warns Government of Legal Action

Prabhat Khabar26 अगस्त 2026
फुलवारी शरीफ13 मई 2026

फुलवारी शरीफ नगर परिषद को भंग कर प्रशासनिक व्यवस्था लागू करने के बिहार सरकार के फैसले पर निवर्तमान अध्यक्ष मोहम्मद आफताब आलम ने गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग पर भी सवाल खड़े किए हैं, यह कहते हुए कि निर्वाचित प्रतिनिधियों का पांच साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले निकाय को भंग करना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाता है.

मोहम्मद आफताब आलम के अनुसार, फुलवारी शरीफ नगर परिषद को 13 मई 2026 को भंग कर दिया गया था, जिसके बाद प्रशासनिक व्यवस्था लागू कर दी गई. इसी क्रम में खगौल और दानापुर निजामत नगर निकायों को भी भंग किया गया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता द्वारा चुने गए मुख्य पार्षद, उपमुख्य पार्षद और वार्ड पार्षदों का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही निर्वाचित व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया.

आफताब आलम ने बताया कि परिसीमन के बाद फुलवारी शरीफ नगर परिषद में वार्डों की संख्या 28 से बढ़कर 38 हो गई है, और राज्य निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड में भी 38 वार्ड दर्ज हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि फुलवारी शरीफ, दानापुर निजामत और खगौल नगर निकायों को वर्ष 2026 की नगरपालिका आम निर्वाचन प्रक्रिया में शामिल किया गया था.

निवर्तमान अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि संवैधानिक प्रावधानों और न्यायिक निर्देशों के अनुसार निर्धारित समय सीमा के भीतर चुनाव नहीं कराए गए, तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे. उन्होंने इसे केवल जनप्रतिनिधियों का मामला नहीं, बल्कि स्थानीय जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा विषय बताया. आफताब आलम ने बिहार सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से जल्द से जल्द चुनाव कराने और फुलवारी शरीफ नगर परिषद में निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से स्थानीय निकाय व्यवस्था बहाल करने की मांग की है.

Mohammad Aftab Alam, the outgoing chairman of Phulwari Sharif Nagar Parishad, has strongly criticized the Bihar government's decision to dissolve the civic body and implement an administrative system. He questioned the State Election Commission as well, stating that dissolving an elected body before its five-year term concludes raises serious concerns about the democratic system.

According to Alam, the Phulwari Sharif Nagar Parishad was dissolved on May 13, 2026, and an administrative setup was put in place. Khagaul and Danapur Nizamat civic bodies were also dissolved similarly. He emphasized that the elected representatives, including the chief councilor, deputy chief councilor, and ward councilors, were removed before completing their terms.

Alam informed that after delimitation, the number of wards in Phulwari Sharif Nagar Parishad increased from 28 to 38, and this number is also recorded with the State Election Commission. He further claimed that Phulwari Sharif, Danapur Nizamat, and Khagaul civic bodies were included in the 2026 municipal general election process.

The former chairman warned that if elections are not held within the stipulated timeframe as per constitutional provisions and judicial directives, he would approach the court. He clarified that this is not just an issue for elected representatives but is linked to the democratic rights of the local populace. Aftab Alam has urged the Bihar government and the State Election Commission to conduct elections promptly and restore the local body system through elected representatives in Phulwari Sharif Nagar Parishad.

hamarazila.in डेस्क · AI-सहायता से तैयार · संपादकीय नीति

स्रोत: Prabhat Khabar की रिपोर्ट के आधार पर

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