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रामगढ़ चौक पीएचसी के स्वास्थ्यकर्मियों ने गोद लिए 10 टीबी मरीज, मिलेंगे 500 रुपये प्रतिमाह

Ramgarh Chowk PHC Health Workers Adopt 10 TB Patients, Will Receive ₹500 Monthly

Dainik Bhaskar1 जुलाई 2026
रामगढ़ चौक

रामगढ़ चौक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के स्वास्थ्यकर्मियों ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए 10 टीबी (क्षय रोग) मरीजों को गोद लिया है। यह पहल 'प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाना है। इस अभियान के तहत, गोद लिए गए प्रत्येक मरीज को अगले 6 महीने तक हर महीने 500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एम.डी. शमीम अख्तर ने बताया कि यह पहल टीबी मरीजों को पोषण संबंधी सहायता प्रदान करने और उनके उपचार में सहयोग करने के लिए की गई है। उन्होंने कहा कि टीबी एक गंभीर बीमारी है, लेकिन सही उपचार और पोषण से इसे ठीक किया जा सकता है। स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा मरीजों को गोद लेने से उन्हें न केवल आर्थिक मदद मिलेगी, बल्कि भावनात्मक सहारा भी मिलेगा, जो उनके शीघ्र स्वस्थ होने में सहायक होगा।

इस पहल में पीएचसी के कई स्वास्थ्यकर्मी स्वेच्छा से आगे आए हैं। इनमें डॉ. एम.डी. शमीम अख्तर के अलावा डॉ. मो. वसीम, डॉ. मो. नसीम, डॉ. मो. वसीम खान, डॉ. मो. मुस्तफा, डॉ. मो. सज्जाद, डॉ. मो. अली, डॉ. मो. इमरान और डॉ. मो. आलम शामिल हैं। इन सभी स्वास्थ्यकर्मियों ने टीबी मरीजों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि समुदाय की भागीदारी टीबी उन्मूलन के लिए महत्वपूर्ण है।

यह कदम टीबी मरीजों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने और उनके साथ होने वाले भेदभाव को कम करने में भी मदद करेगा। स्वास्थ्यकर्मियों का यह प्रयास अन्य स्वास्थ्य संस्थानों और सामाजिक संगठनों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बन सकता है ताकि वे भी इस नेक कार्य में आगे आएं और देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में अपना योगदान दें।

Health workers at Ramgarh Chowk Primary Health Centre (PHC) have set an example of humanity by adopting 10 tuberculosis (TB) patients. This initiative has been undertaken as part of the 'Pradhan Mantri TB Mukt Bharat Abhiyan' (Prime Minister's TB-Free India Campaign), which aims to eradicate TB from India by 2025. Under this campaign, each adopted patient will receive financial assistance of ₹500 per month for the next six months.

The Medical Officer In-Charge of the PHC, Dr. M.D. Shamim Akhtar, stated that this initiative aims to provide nutritional support to TB patients and assist them in their treatment. He emphasized that TB is a serious disease, but it can be cured with proper treatment and nutrition. The adoption of patients by health workers will provide them not only financial aid but also emotional support, which will be instrumental in their speedy recovery.

Several health workers from the PHC have voluntarily come forward for this initiative. Besides Dr. M.D. Shamim Akhtar, others include Dr. Mohd. Wasim, Dr. Mohd. Naseem, Dr. Mohd. Wasim Khan, Dr. Mohd. Mustafa, Dr. Mohd. Sajjad, Dr. Mohd. Ali, Dr. Mohd. Imran, and Dr. Mohd. Alam. All these health workers reiterated their commitment towards TB patients and wished them better health. They stressed that community participation is crucial for TB eradication.

This step will also help raise awareness about TB patients in society and reduce the discrimination they face. This effort by health workers can serve as an inspiration for other health institutions and social organizations to come forward in this noble cause and contribute to achieving the goal of making the country TB-free.

स्रोत: Dainik Bhaskar की रिपोर्ट के आधार पर

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