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मंजूषा कला

Manjusha Art

GI टैग 2022हस्तशिल्प

मंजूषा भागलपुर क्षेत्र — प्राचीन अंग प्रदेश — की लोककला है, और भारतीय लोककलाओं में यह उन गिनी-चुनी शैलियों में है जो कहानी को क्रम से कहती हैं। इसका आधार बिहुला-विषहरी की लोककथा है, और चित्र उसी कथा के दृश्यों को एक के बाद एक दिखाते हैं। नाम 'मंजूषा' उस डिब्बे से आया है जिस पर यह कला पारंपरिक रूप से बनाई जाती थी।

खासियत क्या है

  • यह कथात्मक कला है — चित्र क्रम में पढ़े जाते हैं, अलग-अलग नहीं देखे जाते।
  • सर्प आकृति इस शैली की सबसे पहचानी विशेषता है, जो कथा के केंद्रीय प्रसंग से जुड़ी है।
  • पारंपरिक रंग सीमित रहे हैं — गुलाबी, हरा और पीला इस शैली की पहचान माने जाते हैं।
  • आकृतियाँ सरल और रेखात्मक होती हैं; मानव आकृति प्रायः सपाट और सांकेतिक बनती है।
  • यह बिहार के नए GI उत्पादों में है, जिसे 2022 में पंजीकरण मिला।

कैसे बनता है

  • पारंपरिक रूप से यह बाँस, जूट और कागज़ से बने मंजूषा (डिब्बे) की सतह पर बनाई जाती थी।
  • अब यह कागज़, कपड़े और दीवार पर भी बनाई जाती है।
  • रेखांकन पहले होता है, फिर सीमित रंगों से भराई।
  • कथा के दृश्य क्रम में रखे जाते हैं, जिससे पूरा पैनल एक कहानी बन जाए।

कहाँ से आता है

  • भागलपुर ज़िला इसका केंद्र है — यही प्राचीन अंग प्रदेश का क्षेत्र है।
  • बिहुला-विषहरी की कथा इस क्षेत्र की लोक परंपरा में गहराई से बैठी है, और कला उसी से जुड़ी रही।
  • बीच के दशकों में यह कला लगभग लुप्त हो चली थी; स्थानीय कलाकारों और प्रशिक्षण प्रयासों से इसका पुनरुद्धार हुआ।

खरीदते समय क्या देखें

  • कथा-क्रम पूछें — प्रामाणिक मंजूषा का पैनल किसी प्रसंग को क्रम से दिखाता है।
  • हाथ की रेखा में हल्की असमानता होती है; प्रिंट में रंग सपाट और रेखा एकसार रहती है।
  • कलाकार का नाम और क्षेत्र पूछना सबसे सीधा परीक्षण है।
  • भागलपुर के कलाकारों और प्रशिक्षण केंद्रों से सीधी खरीद अधिक भरोसेमंद रहती है।

GI क्षेत्र के ज़िले

सामान्य प्रश्न

मंजूषा कला क्या है?

भागलपुर (अंग क्षेत्र) की लोककला, जो बिहुला-विषहरी की कथा को क्रम से चित्रित करती है।

मंजूषा कला को GI टैग कब मिला?

2022 में।

मंजूषा नाम कैसे पड़ा?

उस डिब्बे से, जिसे मंजूषा कहा जाता है और जिस पर यह कला पारंपरिक रूप से बनाई जाती थी।

मंजूषा कला की पहचान क्या है?

कथात्मक क्रम, सर्प आकृति और गुलाबी-हरे-पीले रंगों का सीमित प्रयोग।

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अंतिम अपडेट: 2026-10