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बांका में फर्जी शिक्षक बर्खास्त: पुलिस इंस्पेक्टर के नाम पर 10 साल तक की नौकरी, वेतन बंद

Fake Teacher in Banka Dismissed After 10 Years, Used Police Inspector's Identity

Jagran30 अक्टूबर 2026
नगरी जानूकित्ताप्रखंड: बाराहाटथाना: मोहनपुरप्रोन्नत मध्य विद्यालय नगरी जानूकित्ताशुक्रवार

बांका जिले में एक फर्जी शिक्षक को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है, जिसने एक पुलिस इंस्पेक्टर के नाम और पते का इस्तेमाल कर 10 साल तक नौकरी की। शिक्षा विभाग बांका ने शुक्रवार को यह कार्रवाई की। मामला संज्ञान में आने के बाद से ही शिक्षा विभाग ने पिछले 10 साल से उसका वेतन बंद कर रखा था।

जिला शिक्षा पदाधिकारी देवनारायण पंडित की ओर से जारी कार्यालय आदेश में, मनोज कुमार नामक इस व्यक्ति को तत्काल प्रभाव से सहायक शिक्षक के पद से बर्खास्त किया गया है। यह फर्जी शिक्षक बाराहाट के प्रोन्नत मध्य विद्यालय नगरी जानूकित्ता में कार्यरत था।

विभागीय जांच में सामने आया कि 1994 में बिहार लोक सेवा आयोग, पटना द्वारा आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा में मूल रूप से सफल अभ्यर्थी मनोज कुमार ने वास्तव में शिक्षक पद पर योगदान नहीं किया था। बल्कि, उन्होंने उसी वर्ष बिहार पुलिस सेवा में आरक्षी अवर निरीक्षक के पद पर योगदान दिया था। इसके बावजूद, उनके नाम और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल कर कोई अन्य व्यक्ति बांका में फर्जी मनोज कुमार बनकर शिक्षक की नौकरी करने लगा।

इस मामले में मोहनपुर थाना में कांड संख्या 216/23 दर्ज है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय, सीसीआर रांची की ओर से भी इस संबंध में जांच की गई थी। पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों और विभागीय जांच में कई गंभीर अनियमितताएं और दस्तावेज़ों में विसंगतियां मिलीं।

विभाग ने संबंधित शिक्षक से शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण प्रमाणपत्र, मैट्रिक और इंटर के प्रवेश पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा अन्य मूल दस्तावेज मांगे थे, लेकिन कई बार सूचना देने के बाद भी वे संतोषजनक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) सह संचालन पदाधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 14(1) के तहत मनोज कुमार को सहायक शिक्षक के पद से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया गया है।

A fake teacher in Bihar's Banka district has been dismissed from service after it was discovered that he had been working for 10 years using the identity of a police inspector. The Banka Education Department took this action on Friday, following an investigation into the matter.

The fraudulent teacher, identified as 'Manoj Kumar', was working as an assistant teacher at the upgraded Middle School Nagri Janukitta in Barahat. The District Education Officer, Deonarayan Pandit, issued an office order for his immediate dismissal. The department had withheld his salary for the past decade since the discrepancy came to light.

The departmental inquiry revealed that the actual Manoj Kumar, who had cleared the 1994 Bihar Public Service Commission teacher recruitment examination, never joined as a teacher. Instead, he joined the Bihar Police Service as a Sub-Inspector in the same year. However, another individual fraudulently used his name and educational certificates to secure a teaching job in Banka.

A case (number 216/23) has been registered at Mohanpur Police Station regarding this matter. The Superintendent of Police Office, CCR Ranchi, also conducted an investigation. Both police and departmental inquiries uncovered serious irregularities and discrepancies in the submitted documents.

The education department had repeatedly requested the teacher to provide original educational and training certificates, matric and inter admission cards, Aadhaar card, PAN card, and other essential documents. However, he failed to provide satisfactory proof. Based on the investigation report by the District Program Officer (Secondary Education) and operating officer, departmental action was taken. The dismissal order was issued under Rule 14(1) of the Bihar Government Servant (Classification, Control and Appeal) Rules, 2005.

hamarazila.in डेस्क · AI-सहायता से तैयार · संपादकीय नीति

स्रोत: Jagran की रिपोर्ट के आधार पर

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Dainik Bhaskar · 📍 बांका