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बाढ़ से फसल बर्बाद होने पर बिहार के किसानों को मिलेगा कृषि इनपुट अनुदान, आवेदन की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर

Bihar Farmers to Get Agricultural Input Subsidy for Flood-Damaged Crops; Apply by October 25

Jagran23 अक्टूबर 2026
सितंबर के अंतिम सप्ताह में

बिहार सरकार बाढ़ से प्रभावित किसानों को कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। सितंबर के अंतिम सप्ताह में नदियों का जलस्तर बढ़ने से आई बाढ़ में जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। कृषि विभाग ने इन किसानों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं, जिसकी अंतिम तिथि 25 अक्टूबर निर्धारित की गई है।

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि बाढ़ प्रभावित किसानों को राहत देना सरकार की प्राथमिकता है। इस योजना के तहत नौ जिलों के 43 प्रखंडों की 289 पंचायतों के पात्र किसानों को लाभ मिलेगा। योजना के अंतर्गत, असिंचित फसल क्षेत्र के लिए 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर, सिंचित क्षेत्र के लिए 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर और शाश्वत एवं बहुवर्षीय फसलों (गन्ना सहित) के लिए 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिया जाएगा। किसानों को अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्र के लिए ही सहायता मिलेगी। न्यूनतम अनुदान राशि असिंचित क्षेत्र के लिए 1,000 रुपये, सिंचित क्षेत्र के लिए 2,000 रुपये और शाश्वत एवं बहुवर्षीय फसलों के लिए 2,500 रुपये तय की गई है।

इस योजना का लाभ दरभंगा, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, वैशाली, सारण, कटिहार और पटना जिले के चिह्नित प्रखंडों एवं पंचायतों के प्रभावित किसानों को मिलेगा। रैयत और गैर-रैयत, दोनों तरह के किसान आवेदन कर सकते हैं। रैयत किसानों को अद्यतन भूमि कब्जा प्रमाणपत्र (एलपीसी) या लगान रसीद प्रस्तुत करनी होगी, जबकि गैर-रैयत किसानों को वार्ड सदस्य, मुखिया या सरपंच तथा कृषि समन्वयक से प्रमाणित स्वघोषणा प्रमाणपत्र देना होगा। आवेदन के लिए 13 अंकों की किसान पंजीकरण संख्या अनिवार्य है।

इच्छुक किसान कृषि विभाग की वेबसाइट या डीबीटी कृषि पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए किसान कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 18001801551 पर संपर्क कर सकते हैं या संबंधित जिला कृषि पदाधिकारी से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

The Bihar government is offering financial assistance to farmers affected by floods through the Agricultural Input Subsidy Scheme. Farmers whose crops were damaged due to rising river water levels in the last week of September are eligible for this scheme. The Agriculture Department has invited online applications, with the deadline set for October 25.

Agriculture Minister Vijay Kumar Sinha stated that providing relief to flood-affected farmers is a top priority for the government. The scheme will benefit eligible farmers across 289 panchayats in 43 blocks across nine districts. Under the scheme, an assistance of Rs 8,500 per hectare will be provided for unirrigated crop areas, Rs 17,000 per hectare for irrigated areas, and Rs 22,500 per hectare for perennial crops, including sugarcane. Farmers can receive aid for a maximum of two hectares.

The minimum subsidy amount is fixed at Rs 1,000 for unirrigated areas, Rs 2,000 for irrigated areas, and Rs 2,500 for perennial crops. The scheme covers affected farmers in specific blocks and panchayats of Darbhanga, Gopalganj, Muzaffarpur, West Champaran, East Champaran, Vaishali, Saran, Katihar, and Patna districts. Both tenant and non-tenant farmers can apply. Tenant farmers need to submit an updated Land Possession Certificate (LPC) or land revenue receipt, while non-tenant farmers must provide a self-declaration certificate attested by a ward member, Mukhiya, Sarpanch, and agricultural coordinator. A 13-digit farmer registration number is mandatory for application.

Interested farmers can apply online through the Agriculture Department's website or the DBT Agriculture portal For further information and assistance, farmers can contact the Kisan Call Centre at the toll-free number 18001801551 or their respective District Agriculture Officer.

hamarazila.in डेस्क · AI-सहायता से तैयार · संपादकीय नीति

स्रोत: Jagran की रिपोर्ट के आधार पर

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