प्रमंडलTirhutSaranDarbhangaKosiPurniaBhagalpurMungerPatnaMagadh
राजनीतिPolitics#Muzaffarpur#bihar#panchayatemploymentworkers

11 सूत्री मांगों को लेकर 2 और 3 नवंबर को पटना में जुटेंगे रोजगार सेवक, सामूहिक अवकाश का एलान

Bihar Panchayat Employment Workers to Protest in Patna on November 2-3 for 11-Point Demands

Prabhat Khabar27 अक्टूबर 2026
गर्दनीबाग धरना स्थलगर्दनीबाग धरना स्थल2 और 3 नवंबर

बिहार राज्य पंचायत रोजगार सेवक संघ के आह्वान पर प्रदेश भर के पंचायत रोजगार सेवक अपनी 11 सूत्री लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की राह पर हैं। मुजफ्फरपुर जिले सहित राज्य के सभी पंचायत रोजगार सेवक आगामी 2 और 3 नवंबर को राजधानी पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर आयोजित होने वाले दो दिवसीय शांतिपूर्ण महाधरना में बड़ी संख्या में हिस्सा लेंगे। इस आंदोलन को सफल बनाने और अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए जिले भर के रोजगार सेवकों ने इन दोनों दिनों सामूहिक अवकाश पर रहने का फैसला किया है। संघ की जिला इकाई ने मंगलवार को मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी को इस संबंध में विधिवत रूप से लिखित सूचना और ज्ञापन सौंपा है।

संघ के जिलाध्यक्ष अवधेश कुमार ने बताया कि पिछले 19 वर्षों से पंचायत रोजगार सेवक मनरेगा सहित ग्रामीण विकास की विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं को पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ लागू कर रहे हैं। इसके बावजूद, वे आज भी बहुत कम मानदेय, सेवा की अनिश्चितता और भारी सामाजिक-आर्थिक असुरक्षा के साथ काम करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में प्रशासनिक वार्ताओं में एक माह का समय दिए जाने के बाद भी मांगों की पूर्ति के लिए सरकार या विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे प्रदेश भर के कर्मियों में भारी निराशा और आक्रोश है।

रोजगार सेवकों की प्रमुख मांगों में पिछले 19 वर्षों के कार्य अनुभव और योग्यता को देखते हुए तृतीय श्रेणी के पद पर समायोजन करना शामिल है। इसके अलावा, 4 दिसंबर 2023 को गठित पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट को 1 जनवरी 2024 के प्रभाव से लागू करने, सेवाकाल के दौरान मृत कर्मियों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने, गृह जिले में स्थानांतरण करने और 10 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने की मांग की गई है।

उन्होंने डिजिटल कार्यों के लिए मोबाइल या टैबलेट खरीदने हेतु एकमुश्त 25 से 30 हजार रुपये और 4 से 5 हजार रुपये मासिक यात्रा भत्ता निर्धारित करने की भी मांग की है। साथ ही, अनावश्यक मानसिक व प्रशासनिक प्रताड़ना पर रोक लगाने, सेवा संबंधी पुराने आदेशों की पुनर्बहाली करने और सेवानिवृत्ति के उपरांत लाभ व ग्रेच्युटी की व्यवस्था करने की मांग की गई है। संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष अवधेश कुमार, प्रदेश संयोजक उमेश सिंह, उपाध्यक्ष सुरज कुमार, संयुक्त सचिव धर्मेंद्र सहनी और कोषाध्यक्ष प्रकाश कुमार शामिल थे।

Panchayat employment workers across Bihar are set to launch a two-day peaceful protest in Patna on November 2 and 3, demanding the fulfillment of their 11-point charter of demands. The Bihar State Panchayat Rojgar Sevak Sangh has called for the agitation, with workers from districts like Muzaffarpur announcing a mass leave to participate in the Mahadharna at Gardanibagh Dharna Sthal in Patna.

According to Awadhesh Kumar, District President of the Sangh, despite 19 years of dedicated service in implementing various rural development schemes, including MGNREGA, these workers continue to face meager remuneration, job insecurity, and significant socio-economic vulnerability. He highlighted the government's failure to take concrete steps to address their demands, despite previous assurances, leading to widespread disappointment among the workers.

The key demands include regularization to Class III posts based on their 19 years of experience, implementation of the report by a high-level committee formed on December 4, 2023, with retrospective effect from January 1, 2024, compassionate appointments for dependents of deceased workers, inter-district transfers, and cashless medical facilities up to Rs 10 lakh.

Other demands include a one-time grant of Rs 25,000-30,000 for purchasing mobile devices or tablets for digital work, a monthly travel allowance of Rs 4,000-5,000, an end to administrative harassment, reinstatement of old service-related orders, and a robust system for post-retirement benefits and gratuity. The union has warned of intensified protests if the government fails to respond positively. The memorandum was submitted to the Muzaffarpur District Magistrate by Awadhesh Kumar and other union officials.

hamarazila.in डेस्क · AI-सहायता से तैयार · संपादकीय नीति

स्रोत: Prabhat Khabar की रिपोर्ट के आधार पर

वॉर्ड WhatsApp ग्रुप में भेजेंShare to Ward WhatsApp Group

इस खबर का आपके इलाके से रिश्ता

मुजफ्फरपुर ज़िले का आधिकारिक आंकड़ा — नदी स्तर, प्रतिनिधि, ज़रूरी सुविधाएँ

क्षेत्र के विधायक

ज़िले की नई योजना

कृषि इनपुट अनुदान योजना · असिंचित क्षेत्र के लिए ₹8,500/हेक्टेयर, सिंचित के लिए ₹17,000/हेक्टेयर, और शाश्वत/बहुवर्षीय फसलों के लिए ₹22,500/हेक्टेयर (अधिकतम 2 हेक्टेयर तक)। विवरण →

Muzaffarpur की और खबरेंMore from Muzaffarpur

राजनीति

MLC चुनाव रिजल्ट: पटना में काउंटिंग सेंटर के बाहर हंगामा, फाइलों के बंडल बाहर लाने के आरोप

बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर हुए चुनाव की मतगणना के दौरान पटना में हंगामा देखने को मिला। राजधानी पटना के बांकीपुर गर्ल्स स्कूल स्थित काउंटिंग सेंटर के बाहर जन सुराज पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मतगणना केंद्र से फाइलों के बंडल बाहर लाए जा रहे थे। कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर फाइलों को बाहर ले जा रहे दो सरकारी कर्मचारियों को पकड़ लिया और दस्तावेज दिखाने की मांग की, जिससे तनाव बढ़ गया। बाद में कर्मचारियों को बैग खोलकर दिखाना पड़ा। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव परिणाम पर सबकी खास नजर है, जहां जदयू के नीरज कुमार और जन सुराज के अनुज सिंह के बीच कड़ा मुकाबला है।

TV9 Bharatvarsh Bihar · 📍 बांकीपुर गर्ल्स स्कूल