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कंदर्पी घाट के विकास को लेकर युवाओं ने भरी हुंकार, कहा- अब सिर्फ शिलान्यास नहीं, धरातल पर काम चाहिए

Youth Demand Action on Kandarpighat Development, Not Just Foundation Stones

Dainik Bhaskar2 नवंबर 2026
कंदर्पीघाट (महरैल-कर्णपुर-हरना)प्रखंड: झंझारपुरथाना: अंधरा ठाढ़ीमिथिला विजय स्तंभ, एनएच-27 पर कमला पुलरविवार

झंझारपुर/अंधरा ठाढ़ी: मिथिला के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल कंदर्पीघाट (महरैल-कर्णपुर-हरना) के सर्वांगीण विकास को लेकर अब ग्रामीणों और युवाओं ने मोर्चा खोल दिया है। रविवार को मिथिला विजय स्तंभ, कंदर्पीघाट के प्रांगण में क्षेत्र के जागरूक ग्रामीणों और सक्रिय युवाओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कंदर्पीघाट की लगातार उपेक्षा पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया।

ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2025 में मंत्री नीतीश मिश्रा द्वारा कंदर्पीघाट और एनएच-27 पर कमला पुल, झंझारपुर के समीप न्यू रिवर फ्रंट परियोजना का शिलान्यास एक साथ किया गया था। उस समय क्षेत्रवासियों में विकास को लेकर बड़ी उम्मीदें जगी थीं। हालांकि, आज स्थिति यह है कि झंझारपुर में रिवर फ्रंट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि कंदर्पीघाट में अभी तक एक ईंट भी नहीं रखी गई है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि आखिर एक ही परियोजना के दो स्थानों के विकास में इतना भेदभाव क्यों? क्या कंदर्पीघाट के लोगों को सिर्फ सपने दिखाकर छोड़ दिया जाएगा?

ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि कंदर्पीघाट केवल एक घाट नहीं, बल्कि मिथिला की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान है। इसके विकसित होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

बैठक में कंदर्पीघाट में प्रस्तावित न्यू रिवर फ्रंट का निर्माण कार्य अविलंब शुरू करने, मिथिला विजय स्तंभ और कंदर्पीघाट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने, घाट का सौंदर्यीकरण, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई। श्रद्धालुओं के लिए बैठने की व्यवस्था, रोशनी, पेयजल और आवागमन की बेहतर व्यवस्था हो, इसकी भी मांग की गई। संबंधित विभाग से परियोजना की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने और कार्य पूरा होने की समय-सीमा बताने की मांग भी की गई है।

बैठक में शामिल सभी लोगों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि इस मुद्दे को मंत्री नीतीश मिश्रा और संबंधित विभाग तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर व्यापक अभियान चलाया जाएगा और महरैल, कर्णपुर, हरना सहित आसपास के सभी गांवों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे किसी के विरोध में नहीं, बल्कि विकास के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी काम शुरू नहीं हुआ तो लोकतांत्रिक तरीके से चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर मिहिर ठाकुर, अजय झा, मुरारी मंडल आदि मौजूद रहे।

Jhanjharpur/Andhra Tharhi: Locals and youth have launched a movement demanding the comprehensive development of Kandarpighat, an important historical and religious site in Mithila (Mahrail-Karnpur-Harna). A significant meeting was held on Sunday at the Mithila Vijay Stambh in Kandarpighat, where participants expressed strong anger over the continued neglect of the site.

Residents highlighted that in 2025, Minister Nitish Mishra simultaneously laid the foundation stone for the New River Front project at Kandarpighat and near the Kamala Bridge on NH-27 in Jhanjharpur. This had raised high hopes for development among the locals. However, while the riverfront construction in Jhanjharpur is complete, not a single brick has been laid at Kandarpighat. Villagers questioned the discrimination in development between two sites under the same project, asking if Kandarpighat residents were merely being shown dreams.

The villagers emphasized that Kandarpighat is more than just a ghat; it represents Mithila's historical, cultural, and religious identity. Its development would boost tourism and create employment opportunities for local youth.

Key demands from the meeting include the immediate start of the proposed New River Front construction, developing Mithila Vijay Stambh and Kandarpighat as tourist destinations, beautification, sanitation, and provision of basic amenities. They also called for better seating, lighting, drinking water, and transportation facilities for devotees. The concerned department has been asked to clarify the project's current status and provide a timeline for completion.

Attendees unanimously decided to strongly convey their demands to Minister Nitish Mishra and the relevant department. A widespread social media campaign will be launched, connecting surrounding villages like Mahrail, Karnpur, and Harna. The villagers stated they are not opposing anyone but advocating for development, warning of phased democratic protests if work does not commence. Mihir Thakur, Ajay Jha, and Murari Mandal were among those present.

hamarazila.in डेस्क · AI-सहायता से तैयार · संपादकीय नीति

स्रोत: Dainik Bhaskar की रिपोर्ट के आधार पर

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