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मधुबनी: स्कूल में 2 दिन नहीं बना मध्याह्न भोजन, रजिस्टर में दिखाया गया संचालित

Mid-Day Meal Scheme Irregularities in Madhubani School: Meals Not Served for Two Days, Records Falsified

Dainik Bhaskar4 नवंबर 2026
खरगबन्नीप्रखंड: बाबूबरहीउत्क्रमित मध्य विद्यालय खरगबन्नी

मधुबनी जिले के सरकारी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना (MDM) के संचालन में घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। बाबूबरही प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय खरगबन्नी में निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। इसमें बच्चों की वास्तविक उपस्थिति और पंजी में दर्ज उपस्थिति में बड़ा अंतर पाया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 24 और 27 अक्टूबर को विद्यालय में मध्याह्न भोजन नहीं बना था, लेकिन इसके बावजूद मध्याह्न भोजन पंजी में दोनों दिन भोजन का संचालन दर्शाया गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीपीओ मध्याह्न भोजन योजना ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। डीपीओ एमडीएम ने प्रधानाध्यापक को लिखे पत्र में बताया कि 29 अक्टूबर को डीपीएम मध्याह्न भोजन योजना रामकुमार ने विद्यालय का निरीक्षण किया था। इस दौरान विद्यालय में कुल 344 नामांकित बच्चों में से उपस्थिति पंजी में 112 बच्चों की उपस्थिति दर्ज थी, जबकि भौतिक सत्यापन में केवल 89 बच्चे ही उपस्थित मिले। इस प्रकार पंजी और वास्तविक उपस्थिति में 23 बच्चों का अंतर पाया गया।

निरीक्षण के दौरान बच्चों ने यह भी बताया कि प्रत्येक शुक्रवार को मौसमी फल देने के बजाय उन्हें एक रुपये की टॉफी दी जा रही थी, जो योजना के निर्धारित प्रावधानों का उल्लंघन है। खाद्यान्न के रखरखाव और भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठे। पंजी के अनुसार अवशेष खाद्यान्न और भौतिक रूप से उपलब्ध खाद्यान्न के बीच कमी पाई गई, जिसमें केवल 58 बोरा खाद्यान्न ही उपलब्ध मिला। इसके अतिरिक्त, ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर मध्याह्न भोजन से संबंधित प्रतिवेदन नियमित रूप से अपलोड नहीं किए जा रहे थे। भोजन तैयार करने में धनिया, हल्दी, तेल और अन्य मसालों का खुले पॉलीथिन में रखे स्थानीय बाजार के खुले मसालों के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था, और भोजन की गुणवत्ता की जांच के लिए अनिवार्य चखना पंजी भी विद्यालय में उपलब्ध नहीं मिली।

Serious irregularities have been uncovered in the operation of the Mid-Day Meal (MDM) scheme in government schools in Madhubani district. During an inspection at Utkramit Madhya Vidyalaya Khargabanni in Babubarhi block, several significant discrepancies were found. These included a large difference between the actual attendance of children and the attendance recorded in the register. Most alarmingly, it was revealed that mid-day meals were not prepared at the school on October 24 and 27, yet the MDM register falsely indicated that meals were served on both days.

Taking the matter seriously, the DPO of the Mid-Day Meal scheme has sought an explanation from the school's headmaster within 24 hours. In a letter to the headmaster, the DPO stated that DPM Ramkumar inspected the school on October 29. Out of 344 enrolled children, 112 were marked present in the register, but only 89 were physically present, a discrepancy of 23 children.

During the inspection, children also reported that instead of seasonal fruits, they were given one-rupee toffees every Friday, violating scheme provisions. Concerns were also raised about food grain storage and meal quality. A shortage was found between the recorded and physically available food grains, with only 58 sacks present. Furthermore, MDM reports were not regularly uploaded to the e-Shiksha Kosh portal. Spices like coriander, turmeric, oil, and other ingredients were being used from open polythene packets sourced from the local market, and the mandatory tasting register for quality checks was also unavailable.

hamarazila.in डेस्क · AI-सहायता से तैयार · संपादकीय नीति

स्रोत: Dainik Bhaskar की रिपोर्ट के आधार पर

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