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मधेपुरा में जीविका दीदियों का नशामुक्ति संकल्प: स्वस्थ समाज की ओर एक कदम

Jeevika Didis Pledge for De-addiction in Madhepura: A Step Towards a Healthy Society

Prabhat Khabar2 नवंबर 2026
प्रखंड: बिहारीगंज

बिहार के मधेपुरा जिले के बिहारीगंज प्रखंड में जीविका से जुड़ी दीदियों ने समाज को नशामुक्त करने का बीड़ा उठाया है. इस पहल के तहत तीन प्रमुख संकुल स्तरीय संघों – आनंद सीएलएफ, मुस्कान सीएलएफ और नवजीवन सीएलएफ – में नशामुक्ति जागरूकता सह शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए गए. इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में फैल रही नशापान की बुराई और उसके घातक परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करना था.

बड़ी संख्या में जुटी जीविका दीदियों ने सामूहिक शपथ ली कि वे न केवल खुद और अपने परिवार को नशे से दूर रखेंगी, बल्कि अपने पूरे मोहल्ले और समाज को इस सामाजिक बुराई से मुक्त कराने के लिए कार्य करेंगी. जीविका मधेपुरा ने यह सशक्त पहल इसलिए शुरू की है क्योंकि गांवों में नशा केवल स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि परिवारों को गरीबी के दलदल में भी धकेलता है. मेहनत की कमाई का एक बड़ा हिस्सा नशे में बर्बाद होने से बच्चों की शिक्षा, खान-पान और स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित होते हैं.

प्रखंड परियोजना प्रबंधक शिवाकर ठाकुर ने महिलाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि जीविका दीदियां केवल आर्थिक स्वावलंबन की ही नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति की भी अग्रदूत हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि उनका यह सामूहिक संकल्प एक स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध समाज के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा.

इस कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र की ओर से ब्रह्माकुमारी अर्चना दीदी, बी.के. रंजू और ब्रह्माकुमार शशिरंजन ने भी भाग लिया. उन्होंने लोगों को नशे से मुक्ति का आध्यात्मिक और व्यावहारिक मार्ग दिखाते हुए कहा कि आंतरिक शांति, दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मसंयम से ही नशा जैसी बुराई पर स्थायी विजय पाई जा सकती है.

राजद प्रकोष्ठ की महिला जिला अध्यक्ष रागिनी रानी उर्फ डोली कुमारी, विनय वर्धन और घैलाढ़ के पूर्व प्रमुख खोखा बाबू जैसी सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों ने भी इस पहल की सराहना की. उन्होंने इस संदेश को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया. इस आयोजन में तीनों संकुल स्तरीय संघों के नोडल पदाधिकारियों, कैडरों और स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो नशामुक्त परिवार, स्वस्थ समाज और सशक्त बिहार के सामूहिक संकल्प को दर्शाता है.

In Bihar's Madhepura district, women associated with the Jeevika rural livelihood mission have taken a pledge to make society completely free from addiction. Under this initiative, de-addiction awareness and oath-taking programs were organized in three major cluster-level federations (CLFs): Anand CLF, Muskan CLF, and Navjeevan CLF in Biharganj block.

The primary goal of these events was to educate people about the widespread problem of substance abuse in rural areas and its detrimental consequences. A large number of Jeevika Didis collectively pledged not only to keep themselves and their families away from addiction but also to work towards freeing their entire locality and society from this social ill.

Jeevika Madhepura initiated this powerful campaign recognizing that addiction not only harms health but also pushes families into deep poverty. A significant portion of hard-earned money is wasted on addiction, severely impacting children's education, nutrition, and health. Block Project Manager Shivakar Thakur encouraged the women, stating that Jeevika Didis are pioneers of not just economic self-reliance but also social revolution.

Brahma Kumaris Service Centre representatives, including Brahma Kumari Archana Didi, B.K. Ranju, and Brahma Kumar Shashiranjan, also participated, offering spiritual and practical guidance for overcoming addiction. They emphasized that lasting victory over addiction can be achieved through inner peace, strong willpower, and self-control.

Prominent social and political figures, such as RJD women's district president Ragini Rani alias Dolly Kumari, Vinay Vardhan, and former Ghelaadh chief Khokha Babu, praised the initiative, urging that the message of de-addiction reach every household. The enthusiastic participation of CLF nodal officers, cadres, and local villagers signifies a collective resolve for an addiction-free family, a healthy society, and an empowered Bihar.

hamarazila.in डेस्क · AI-सहायता से तैयार · संपादकीय नीति

स्रोत: Prabhat Khabar की रिपोर्ट के आधार पर

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