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नेपाल में प्रलय के बाद बिहार के आलमनगर और चौसा में अलर्ट, कोसी नदी के जलस्तर पर टिकी निगाहें

Bihar's Alamnagar and Chausa on Alert After Nepal Floods, Kosi River Water Level Monitored

Jagran28 अगस्त 2026
पंचायत: फुलौत पश्चिमी, फुलौत पूर्वी, मोरसंडाप्रखंड: आलमनगर, चौसाकोसी नदी

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार के मधेपुरा जिले के चौसा और आलमनगर प्रखंडों में कोसी नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। हालांकि, अभी तक इन क्षेत्रों में बाढ़ का कोई सीधा असर नहीं दिख रहा है और गांवों में स्थिति सामान्य बनी हुई है, लेकिन स्थानीय लोग और प्रशासन लगातार कोसी नदी और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर पर पैनी नजर रखे हुए हैं।

आलमनगर प्रखंड के हरजोरा घाट पर कटाव तेज हो गया है, जिससे अस्थायी तौर पर कटावरोधी कार्यों को रोक दिया गया है। वहीं, चौसा प्रखंड के फुलौत और मोरसंडा इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। इन इलाकों के ग्रामीण, जो पहले भी कोसी की बाढ़ का दंश झेल चुके हैं, संभावित जलस्तर वृद्धि को लेकर चिंतित हैं। करीब 30 हजार की आबादी वाले गांवों के लोग पशुओं की सुरक्षा और चारे की व्यवस्था जैसी चुनौतियों के लिए पहले से ही तैयारी कर रहे हैं।

फुलौत पश्चिमी पंचायत के सपनी मुसहरी, घसकपुर वासा, पंदही वासा, झंडापुर वासा, तियर टोला और नवटोलिया समेत कई गांवों के निवासी सतर्कता बरत रहे हैं। इसी तरह, फुलौत पूर्वी पंचायत के बड़ी खाल, बरबिघी, पिहोरा वासा, करैल वासा और नवटोलिया, साथ ही मोरसंडा पंचायत के परवत्ता टोला, श्रीपुर वासा, रामचरण टोला, मोरसंडा गोठ, अमनी वासा, कदवा वास और करैलिया मुसहरी के लोग भी कोसी नदी की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

चौसा के अंचलाधिकारी उदय कांत मिश्र ने बताया कि फिलहाल गांवों में बाढ़ की स्थिति नहीं है, लेकिन किसी भी आपदा से निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। 30 सरकारी नावों के परिचालन के लिए परमिट तैयार रखे गए हैं और आपदा मित्रों को भी अलर्ट पर रखा गया है। आलमनगर के अंचलाधिकारी अंकेश कुमार ने भी बताया कि जलस्तर सामान्य है और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। आपात स्थिति के लिए ऊंचे स्थलों का चयन किया गया है, जहां सामुदायिक रसोई और अन्य सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराई जा सकेंगी। जिला प्रशासन भी कोसी नदी के जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति को देखते हुए सतर्कता बरत रहा है।

Following devastating floods in Nepal, an alert has been issued for Alamnagar and Chausa blocks in Bihar's Madhepura district due to the potential rise in the Kosi River's water level. While no direct impact of flooding is currently visible in these areas and villages remain normal, locals and the administration are closely monitoring the Kosi River and its tributaries.

Erosion has intensified at Harjora Ghat in Alamnagar block, leading to a temporary halt in anti-erosion work. Vigilance has also been heightened in the Fulaot and Morsanda areas of Chausa block. Residents in these regions, who have previously suffered from Kosi floods, are concerned about the potential rise in water levels. Approximately 30,000 villagers are already preparing for challenges such as livestock safety and fodder arrangements.

Villages including Sapni Musahari, Ghasakpur Vasa, Pandahi Vasa, Jhandapur Vasa, Tiyar Tola, and Navtoliya in Fulaot Paschimi Panchayat are on alert. Similarly, residents of Bari Khal, Barabighi, Pihora Vasa, Karail Vasa, and Navtoliya in Fulaot Purvi Panchayat, along with Parvatta Tola, Shripur Vasa, Ramcharan Tola, Morsanda Goth, Amni Vasa, Kadwa Vas, and Karailiya Musahari in Morsanda Panchayat, are continuously watching the Kosi River's situation.

Chausa Circle Officer Uday Kant Mishra stated that while there is currently no flood situation in the villages, all necessary administrative preparations are underway to deal with any potential disaster. Permits for 30 government boats are ready, and disaster response personnel are on alert. Alamnagar Circle Officer Ankesh Kumar also confirmed that water levels are normal and the administration is fully prepared. Elevated sites have been identified for emergency community kitchens and other facilities. The district administration is also vigilant due to the flash flood situation in the Kosi River's catchment area.

स्रोत: Jagran की रिपोर्ट के आधार पर

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