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बिहार में हजारों शिक्षकों की नौकरी पर संकट, तेजस्वी ने CM सम्राट चौधरी से की SC में पुनर्विचार याचिका की मांग

Thousands of Teachers in Bihar Face Job Uncertainty; Tejashwi Yadav Urges CM Samrat Chaudhary to File Review Petition in SC

CG MP News18 अक्टूबर 2026
17 अक्टूबर 2026

पटना। बिहार में नियोजित शिक्षकों, विशेषकर उर्दू और बांग्ला शिक्षकों की सेवा सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर हजारों शिक्षकों की नौकरी पर मंडरा रहे संकट को दूर करने की मांग की है। उन्होंने राज्य सरकार से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की अपील की है ताकि प्रभावित शिक्षकों के हितों की रक्षा की जा सके।

तेजस्वी यादव ने 17 अक्टूबर, 2026 को लिखे इस पत्र में जुलाई 2026 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए एक आदेश का जिक्र किया है। उन्होंने आशंका जताई है कि इस आदेश का असर वर्ष 2015 के बाद नियुक्त अप्रशिक्षित शिक्षकों और 2015-16 में नियोजित उर्दू-बांग्ला विशेष शिक्षकों की सेवा पर पड़ सकता है। तेजस्वी ने यह पत्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भी साझा किया है, जिसमें उन्होंने शिक्षकों के भविष्य पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

तेजस्वी ने तर्क दिया है कि उर्दू और बांग्ला विशेष शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया वर्ष 2014 में ही शुरू हो गई थी, और इनकी नियुक्तियां 2015-16 में विभागीय आदेशों के तहत की गई थीं। उनका कहना है कि केवल नियुक्ति की तारीख 31 मार्च 2015 के बाद होने के आधार पर इन शिक्षकों की सेवा समाप्त करना अनुचित होगा। उन्होंने सरकार से नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों और वास्तविक परिस्थितियों की समीक्षा करने का आग्रह किया है।

तेजस्वी ने उन शिक्षकों के लिए भी राहत की मांग की है जिन्होंने नियुक्ति के बाद आवश्यक प्रशिक्षण पूरा कर लिया है, सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण की है, या बिहार लोक सेवा आयोग की भर्ती प्रक्रिया के तहत नियुक्त हुए हैं। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षकों की योग्यता, प्रशिक्षण और लंबे समय की सेवा को देखते हुए उनकी सेवा सुरक्षा के लिए उचित कानूनी उपाय किए जाने चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि राज्य सरकार इस मामले में प्रभावी पैरवी करे और आवश्यकतानुसार सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करे। इसके अतिरिक्त, यदि नियोजन से जुड़े अभिलेखों के रखरखाव में कोई कमी हुई है, तो तेजस्वी ने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की है, ताकि प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा शिक्षकों को न भुगतना पड़े।

Patna. The issue of job security for contract teachers in Bihar, especially Urdu and Bengali special teachers, has resurfaced. Rashtriya Janata Dal (RJD) leader and Leader of Opposition in the Bihar Assembly, Tejashwi Yadav, has written to Chief Minister Samrat Chaudhary, urging him to address the looming crisis over thousands of teachers' jobs. He has called upon the state government to file a review petition in the Supreme Court to protect the interests of affected teachers.

In his letter dated October 17, 2026, Tejashwi Yadav referred to a Supreme Court order from July 2026. He expressed concerns that this order could impact the jobs of untrained teachers appointed after 2015 and Urdu-Bengali special teachers employed in 2015-16. Yadav also shared the letter on social media platform 'X', highlighting his deep worry about the teachers' future.

Tejashwi argued that the appointment process for Urdu and Bengali special teachers began in 2014, with appointments made in 2015-16 under departmental orders. He contended that terminating the services of these teachers solely based on their appointment date being after March 31, 2015, would be unjust. He urged the government to review the appointment documents and actual circumstances.

Yadav also sought relief for teachers who have completed necessary training after appointment, passed the competency test, or were appointed through the Bihar Public Service Commission recruitment process. He emphasized that considering the teachers' qualifications, training, and long service, appropriate legal measures should be taken for their job security. He appealed to the Chief Minister for effective advocacy by the state government and to file a review petition in the Supreme Court if necessary. Furthermore, Tejashwi demanded accountability from officials if there were deficiencies in maintaining appointment records, ensuring that teachers do not suffer due to administrative negligence.

hamarazila.in डेस्क · AI-सहायता से तैयार · संपादकीय नीति

स्रोत: CG MP News की रिपोर्ट के आधार पर

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