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नीतीश की बंद कमरे की बैठक: 'नया कलह नहीं चाहिए', अनंत-नीरज विवाद में नेताओं के सुर बदले

Nitish Kumar's Closed-Door Meeting: 'No New Conflict Needed', Leaders' Stance Shifts in Anant-Neeraj Dispute

Dainik Bhaskar7 अक्टूबर 2026
7, सर्कुलर रोडललन सिंह का आवास5 अक्टूबर की सुबह, 6 अक्टूबर

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में एक बंद कमरे में करीब 30 मिनट की बैठक की, जिसके बाद जनता दल यूनाइटेड (JDU) में अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद को लेकर नेताओं के सुर बदल गए हैं। 6 अक्टूबर को हुई इस बैठक के बाद, JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और डिप्टी CM विजय चौधरी ने ललन सिंह की भूमिका की तारीफ की।

दरअसल, पटना स्नातक विधान परिषद सीट से JDU ने तीन बार के विधान पार्षद नीरज कुमार को दोबारा प्रत्याशी बनाया है। मोकामा विधायक अनंत सिंह इसका खुलकर विरोध कर रहे हैं और जनसुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह के लिए प्रचार कर रहे हैं। इस विवाद में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा था कि अनंत सिंह जब चुनाव लड़ रहे थे तब नीरज उनके खिलाफ अभियान चला रहे थे, और यह बात सत्य है। उन्होंने अनंत सिंह से सार्वजनिक बयानबाजी न करने की अपील की थी, जिस पर वह सहमत हो गए।

नीतीश कुमार ने 5 अक्टूबर की सुबह ललन सिंह के आवास पर उनसे मुलाकात की थी। इसके बाद 6 अक्टूबर को 7, सर्कुलर रोड स्थित अपने सरकारी आवास पर उन्होंने संजय झा, विजय चौधरी और मंत्री अशोक चौधरी के साथ बैठक की। सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि पार्टी को नया कलह नहीं चाहिए और मामले को जल्द सुलझाया जाए। उन्होंने ललन सिंह द्वारा उठाए गए अनुशासन संबंधी सवालों को गंभीरता से लेने का भी संकेत दिया, जिसके बाद वरिष्ठ नेताओं के बयानों में बदलाव आया।

यह किसी एक पक्ष की जीत नहीं, बल्कि नीतीश कुमार का एक संतुलन बनाने का प्रयास है। उन्होंने अनंत सिंह पर सख्त कार्रवाई के बजाय ललन सिंह के माध्यम से उनकी नाराजगी को स्वीकार किया और पुरानी चूक को मानते हुए सार्वजनिक बयानबाजी को रोका। हालांकि, नीरज कुमार आधिकारिक तौर पर प्रत्याशी बने हुए हैं और उन्हें पार्टी का समर्थन है, लेकिन उनकी व्यक्तिगत भूमिका पर सवाल उठे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस विवाद ने पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े किए हैं और नीरज कुमार के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि ललन सिंह ने उनका खुलकर समर्थन नहीं किया है।

A recent closed-door meeting chaired by Bihar Chief Minister Nitish Kumar has led to a shift in the stance of Janata Dal (United) leaders regarding the ongoing dispute between Anant Singh and Neeraj Kumar. Following the 30-minute meeting on October 6, JDU National Working President Sanjay Jha and Deputy CM Vijay Chaudhary praised the role of Lalan Singh.

The conflict arose after JDU nominated Neeraj Kumar, a three-time MLC, for the Patna Graduate Legislative Council seat. Mokama MLA Anant Singh openly opposed Kumar, campaigning instead for Jan Suraj candidate Anuj Singh. Central Minister Lalan Singh had acknowledged the truth in Anant Singh's claim that Neeraj Kumar had campaigned against him in the past. Lalan Singh also persuaded Anant Singh to cease public statements on the matter.

Prior to the meeting, Nitish Kumar visited Lalan Singh's residence on the morning of October 5. Subsequently, on October 6, Kumar met with Sanjay Jha, Vijay Chaudhary, and Minister Ashok Chaudhary at his official residence. Sources indicate that Nitish Kumar explicitly stated that the party did not need new conflicts and urged for a swift resolution. He also hinted at taking Lalan Singh's concerns about party discipline seriously, which seemingly influenced the changed tone of senior leaders.

This situation is viewed as a balancing act by Nitish Kumar rather than a victory for either faction. Instead of taking strict action against Anant Singh, Kumar acknowledged his grievances through Lalan Singh and admitted past oversights, bringing an end to public statements. While Neeraj Kumar remains the official candidate with party support, questions about his individual role have emerged. Political analysts suggest that this dispute has raised concerns about party unity, and Neeraj Kumar may face challenges, particularly given Lalan Singh's lack of explicit support.

hamarazila.in डेस्क · AI-सहायता से तैयार · संपादकीय नीति

स्रोत: Dainik Bhaskar की रिपोर्ट के आधार पर

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