लिट्टी-चोखा
Litti Chokha
लिट्टी-चोखा बिहार का सबसे पहचाना भोजन है, और इसकी ख़ास बात यह है कि यह तवे का नहीं, आग का व्यंजन है। गेहूँ के आटे की लोई में भुने चने का सत्तू भरकर उसे कोयले या गोइठे की आँच पर सीधे सेंका जाता है, जिससे ऊपर हल्की जली परत आती है और भीतर का सत्तू भाप से पक जाता है। साथ का चोखा भी भुनी सब्ज़ियों का होता है — यानी पूरा भोजन आग पर बनता है, और यही इसका स्वाद तय करता है।
कैसे बनता है
- सत्तू में लहसुन, हरी मिर्च, अदरक, अजवाइन, नींबू, सरसों तेल और नमक मिलाकर भरावन तैयार किया जाता है; अचार का मसाला मिलाना आम है।
- आटे की लोई में यह भरावन भरकर गोल बाटी बनाई जाती है।
- बाटी को कोयले, गोइठे या अंगीठी की आँच पर घुमाते हुए सेंका जाता है, जब तक बाहर परत न पड़ जाए।
- सिंकने के बाद उसे तोड़कर घी में डुबोया या घी लगाया जाता है।
- चोखा के लिए बैंगन, आलू और टमाटर को आग पर भूनकर छीला जाता है, फिर लहसुन, हरी मिर्च, प्याज़, नमक और कच्चा सरसों तेल मिलाकर हाथ से मसला जाता है।
कब खाया जाता है
- यह रोज़ का भोजन भी है और मेहमाननवाज़ी का व्यंजन भी — दोनों।
- सर्दियों में इसे अधिक बनाया जाता है, क्योंकि आँच पर सेंकना और घी का स्वाद मौसम से मेल खाता है।
- यात्रा और खेत के भोजन के रूप में इसकी पुरानी परंपरा है, क्योंकि यह ठंडा होने पर भी खाया जा सकता है।
कहाँ सबसे अच्छा मिलता है
- पटना से लेकर छोटे क़स्बों तक सड़क किनारे की दुकानों पर यह सबसे आम रूप में मिलता है।
- असली स्वाद वहाँ मिलता है जहाँ बाटी तंदूर में नहीं, खुली आँच या गोइठे पर सिंकती हो।
- घर की बनी लिट्टी और दुकान की लिट्टी में अंतर प्रायः भरावन के मसाले और घी की मात्रा का होता है।
ज़रूरी बातें
- सत्तू का भरावन गीला न हो, वरना बाटी सिंकते समय फट जाती है।
- चोखा में सरसों तेल कच्चा डाला जाता है — पकाया नहीं; यही उसकी तीखी महक देता है।
- बाटी को सिंकने के बाद तुरंत घी लगाना चाहिए, ठंडी होने पर घी भीतर नहीं जाता।
- बचा सत्तू भरावन अगली बार के लिए रखा जा सकता है, पर नींबू मिला भरावन उसी दिन उपयोग करें।
सामान्य प्रश्न
लिट्टी और बाटी में अंतर क्या है?
लिट्टी में सत्तू का भरावन होता है; बाटी सादी होती है। बिहार में लिट्टी भरी हुई ही बनती है।
लिट्टी किस आँच पर सेंकी जाती है?
पारंपरिक रूप से कोयले, गोइठे या अंगीठी की खुली आँच पर — यही उसका स्वाद तय करता है।
चोखा किस चीज़ का बनता है?
प्रायः भुने बैंगन, आलू और टमाटर का, जिसमें लहसुन, हरी मिर्च, प्याज़ और कच्चा सरसों तेल मिलाया जाता है।
लिट्टी-चोखा के साथ क्या खाया जाता है?
घी, चोखा और प्रायः अचार या धनिया-मिर्च की चटनी।
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अंतिम अपडेट: 2026-10