सत्तू
Sattu
सत्तू भुने चने को पीसकर बनाया गया आटा है, और बिहार की रसोई में इसकी जगह किसी एक व्यंजन की नहीं — यह कच्चा माल है जिससे कई चीज़ें बनती हैं। गर्मियों में इसका शरबत पिया जाता है, लिट्टी में यह भरावन बनता है, और इसका पराठा भी बनता है। सस्ता, टिकाऊ और प्रोटीन से भरपूर होने के कारण यह दशकों तक मज़दूर और किसान के दिन का सहारा रहा है।
कैसे बनता है
- चने को भूना जाता है, फिर छिलका हटाकर पीसा जाता है — यही सादा सत्तू है।
- कुछ जगहों पर जौ मिलाकर भी सत्तू बनाया जाता है, जिसका स्वाद अलग होता है।
- नमकीन शरबत: सत्तू में पानी, नमक, काला नमक, नींबू, भुना जीरा, हरी मिर्च और प्याज़ मिलाया जाता है।
- मीठा शरबत: सत्तू में पानी और गुड़ या चीनी — गर्मी में यह सबसे आम रूप है।
- पराठे के लिए सत्तू में लहसुन, अजवाइन, सरसों तेल और नमक मिलाकर भरावन बनाया जाता है।
कब खाया जाता है
- गर्मियों में शरबत के रूप में — इसे शरीर को ठंडक देने वाला माना जाता है।
- सुबह के नाश्ते में पराठा या शरबत, दोनों रूप आम हैं।
- लिट्टी के भरावन के रूप में यह सालभर उपयोग होता है।
- यात्रा में सूखा सत्तू ले जाना पुरानी परंपरा है — पानी मिलाते ही भोजन तैयार।
कहाँ सबसे अच्छा मिलता है
- गर्मियों में शहरों और क़स्बों में सत्तू शरबत के ठेले हर मोड़ पर मिल जाते हैं।
- ताज़ा पिसा सत्तू स्थानीय चक्की से मिलता है और उसकी महक पैकेट वाले से अलग होती है।
ज़रूरी बातें
- सत्तू को गुठली बनने से बचाने के लिए पहले थोड़े पानी में घोलें, फिर बाक़ी पानी मिलाएँ।
- ताज़ा पिसा सत्तू जल्दी महक खोता है — थोड़ी मात्रा में लें और हवाबंद डिब्बे में रखें।
- नमकीन शरबत बनाने के बाद तुरंत पिएँ; रखा हुआ शरबत स्वाद खो देता है।
- भरावन के लिए सत्तू सूखा रखें — गीला भरावन लिट्टी फाड़ देता है।
सामान्य प्रश्न
सत्तू किस चीज़ से बनता है?
भुने चने को पीसकर; कुछ जगहों पर इसमें जौ भी मिलाया जाता है।
सत्तू शरबत कैसे बनाते हैं?
सत्तू में पानी मिलाकर — नमकीन में नमक, नींबू, भुना जीरा और हरी मिर्च; मीठे में गुड़ या चीनी।
सत्तू गर्मियों में क्यों पिया जाता है?
इसे शरीर को ठंडक देने वाला माना जाता है और यह भारी भोजन के बिना ऊर्जा देता है।
सत्तू को कितने दिन रखा जा सकता है?
सूखा सत्तू हवाबंद डिब्बे में कई हफ़्ते चलता है, पर ताज़ा पिसे की महक जल्दी घटती है।
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अंतिम अपडेट: 2026-10